किसान संगठनों के प्रतिनिधि और केंद्र सरकार के नुमाइंदों के बीच बैठक शुरू होते ही सिंघु बार्डर पर किसान संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। एक तरफ किसान संगठनो की बातें सरकार मान ले इसलिए किसानों ने प्रार्थना शुरू कर दी है वहीं दूसरी ओर सरकार की मांगें नहीं मानने की स्थिति में बॉर्डर पर हालात नहीं बिगड़े इसे ध्यान में रखते हुए किसानों ने शांति व्यवस्था बनानी शुरू कर दी है। पुलिस ने भी चौकसी बढ़ा दी है।
युवाओं ने संभाला मोर्चा
शांति व्यवस्था के लिए युवा मैदान में जुटे हुए हैं। वे लगातार प्रदर्शन कर रहे किसानों को हंगामा नहीं करने और एक जगह एकत्र होने के लिए कह रहे हैं। युवा किसान यशदीप सिंह ने कहा कि बैठक में जो फैसला होगा उसके बाद क्या करना है इसका निर्णय हम सब करेंगे। लेकिन फैसले के कारण माहौल खराब न हो और बॉर्डर की व्यवस्था नहीं बिगड़े इसलिए हमने अभी से शांति व्यवस्था करना शुरू कर दिया है।
वहीं हरियाणा से आए किसान जसप्रीत सिंह ने कहा, हम तो ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि फैसला हमारे पक्ष में आए। इससे पंजाब और हरियाणा नहीं बल्कि पूरे देश को फ़ायदा होगा। अगर सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है तो हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। हम मांगें पूरी करवा कर ही दम लेंगे।
पुलिस भी तैयारी में जुटी
बॉर्डर पर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी नजर आने लगी है। हर जगह पुलिस ने सुरक्षा पुख्ता कर दी है। वहीं हर जत्थे के बीच मे पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस के जवान किसानों के बीच जाकर जांच पड़ताल भी कर रहे हैं और किसी भी तरह की हिंसा की आशंका को या ऐसे किसी भी तत्व की पहचान करने में लगे हैं।
गुजरात, तेलगांना के किसान भी जुटे
अब तक सिंधु बॉर्डर पर केवल पंजाब और हरियाणा के किसान प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन अब गुजरात, तेलगांना और कर्नाटक के किसान भी जुटना शुरू हो गए है। गुजरात से आये किसान मोहन भाई ने कहा कि हम सभी किसान भाई एक हैं। जब तक मांगें नहीं मानी जातीं तब तक हम यहां जुटे रहेंगे।