किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। पिछले पांच महीने से दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों को निरस्त करने, एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाए जाने तक किसान अपने अपने घर नहीं लौटेंगे।
किसानों का दावा है कि कोविड महामारी काल में संक्रमण से बचाव के लिए सिंघु बॉर्डर पर विटामिन सी, काढ़ा, स्टीम, गर्म पानी के दम पर सेहतमंद रहते हुए संघर्ष जारी रखेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन का लंगर लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।
संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि कृषि कानूनों को निरस्त करने, एमएसपी सहित अन्य मांगों पर पांच महीनों में सुनवाई नहीं हुई है। आगे भी संघर्ष चलता रहेगा। किसानों की संख्या में एक बार फिर बढ़ोतरी होने लगी है।
बॉर्डर पर संक्रमण से बचाव के लिए सामाजिक दूरी, साफ सफाई के साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। सीमाओं पर प्रदर्शनकारियों की सेहत की जांच और जरूरी दवाईयां मुहैया की जा रही है। डॉक्टरों की टीम आसपास के गांवों में रहने वालों की भी जांच कर रही है।
उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमितों की सुविधा के लिए ऑक्सीजन देने पर विचार किया जा रहा है। निर्णय होने के तत्काल बाद ऑक्सीजन का लंगर भी लगाया जाएगा ताकि लोगों की जिंदगियां बचाई जा सकें। प्रदर्शनकारियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के बारे में किसान नेता का कहना है कि इसकी सुविधा है। हां, अगर कोई वैक्सीन लगवाना चाहे तो इसके लिए इंतजाम हैं।
किसानों ने ऑक्सीजन के लिए छोड़ दिया है रास्ता, बैरिकेट्स हटाए जाने का इंतजार
किसान मोर्चा का कहना है कि ऑक्सीजन की गाड़ियां और एंबुलेंस की आवाजाही के लिए किसानों ने एक तरफ रास्ता छोड़ रखा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की तरफ से लगाए गए बैरिकेट की वजह से आवाजाही में दिक्कत हो सकती है। इसके लिए भी दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर बैरिकेट हटाकर रास्ता देने की मांग की गई है। डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि किसानों की मांग सरकार से है। आम लोगों को उनकी वजह से कोई दिक्कत न आए, इसका खास तौर पर ध्यान रखा जा रहा है।