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Farmers Protest Live Updates: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद किसान संगठनों ने बुलाई आपात बैठक, आगे की रणनीति पर होगा विचार

Wed, 16 Dec 2020 09:04 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

खास बातें

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन 21वें दिन भी जारी है। किसानों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार कुछ संशोधन पर अडिग है तो किसान कृषि कानूनों को वापस कराने की मांग पर अड़े हैं। अब किसानों को सरकार को लिखित जवाब दे दिया है कि उन्हें सरकार का संशोधन का प्रस्ताव मंजूर नहीं है। वहीं, आज कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर हो रहे किसानों के आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। दायर याचिका में कहा गया है कि धरना-प्रदर्शन से आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। किसानों ने आज चिल्ला बॉर्डर जाम कर दिया है। यहां पढ़ें किसान आंदोलन से जुड़ा पल-पल का अपडेट...
 
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मेरठ तिराहा जाम(ऊपर तस्वीर में), चिल्ला बॉर्डर किसानों ने किया बंद(नीचेे तस्वीर में) - फोटो : कुमार संजय/राजन राय
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लाइव अपडेट

09:03 PM, 16-Dec-2020

सुप्रीम कोर्ट ने आठ किसान यूनियनों के निहितार्थ की अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शनकारी किसानों को हटाने की मांग वाली याचिकाओं में आठ किसान यूनियनों के निहितार्थ की अनुमति दी।

08:57 PM, 16-Dec-2020

सु्प्रीम कोर्ट ने किसानों का संगठन बनाने की अनुमति दी

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और जस्टिस एएस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यम की खंडपीठ ने किसानों का संगठन बनाने की अनुमति दी। कल इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी।


 

08:09 PM, 16-Dec-2020

देश का किसान आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा हैः केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी

देश का किसान आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा है। नए कृषि कानूनों से देश के किसानों को आत्मनिर्भरता मिलेगी और देश आत्मनिर्भर होगा। स्वामीनाथन आयोग में जो सिफारिशें दी गई थी वे सब सिफारिशें इस कानून में शामिल हैं: केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी


 

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07:49 PM, 16-Dec-2020

कृषि कानूनों के खिलाफ गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी

कृषि कानूनों के खिलाफ गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। भीषण ठंड में भी किसान बॉर्डर पर डटे हुए हैं। 

06:26 PM, 16-Dec-2020

कृषि कानूनों का समाधान केंद्र के पास है, वो अपनी जिद छोड़ेः गोपाल राय

दिल्ली पर्यावरण मंत्री गोपाल राय बुधवार को सिंघु बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यहां पर आम आदमी पार्टी की तरफ से लोगों को लंगर की सेवा दी जा रही है। आप के जो भी वलंटियर्स हैं वो रोजाना यहां सेवादार के रूप में काम करते हैं। आप पूरी तरह से किसानों के समर्थन में है। कृषि कानूनों का समाधान केंद्र के पास है, वो अपनी जिद छोड़े।

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05:59 PM, 16-Dec-2020

क्या हम नहीं चाहते कि हमारे किसानों की उपज वैश्विक मंडी में जाए: धर्मेंद्र प्रधान

भले ही राज्य अपने कानून बदल दें लेकिन वैश्विक बाजार में जाने के लिए अंतर्राज्यीय आवाजाही आवश्यक है। क्या हम नहीं चाहते कि हमारे किसानों की उपज वैश्विक मंडी में जाए, ये कृषि कानून इस दिशा में एक बड़ा कदम हैं: धर्मेंद्र प्रधान

05:57 PM, 16-Dec-2020

मोदी सरकार ने लागत पर 50% मुनाफा जोड़कर MSP घोषित करने का काम किया: कृषि मंत्री

स्वामीनाथन कमेटी ने कहा कि किसान की लागत पर 50% मुनाफा जोड़कर MSP घोषित होना चाहिए। स्वामीनाथन कमेटी ने अपनी सिफारिशें 2006 में UPA सरकार को पेश की परन्तु निर्णय नहीं लिया गया। लेकिन मोदी सरकार ने लागत पर 50% मुनाफा जोड़कर MSP घोषित करने का काम किया: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

05:39 PM, 16-Dec-2020

चिल्ला बॉर्डर पर सोते दिखे किसान मुस्तैद दिखा सांड

चिल्ला बॉर्डर पर किसान सोते देखे गए वहीं एक सांड वहीं बैठा दिखाई दिया तो लोग कहने लगे कि किसान तो सो रहे हैं लेकिन सांड यहां पूरी तरह मुस्तैद है।

05:19 PM, 16-Dec-2020

हम सुप्रीम कोर्ट के कमेेटी बनाने के फैसले का स्वागत करते हैंः सोम प्रकाश

केंद्रीय वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने सुप्रीम कोर्ट के कमेटी बनाने के फैसले पर खुशी जताते हुए उसका स्वागत किया है और कहा कि हम भी किसानों का मुद्दा जल्द सुलझाना चाहते हैं। इस कमेटी में किसान और सरकार अपनी राय रखेंगे जो अच्छा है। कल सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला करेगी हम उसके मुताबिक बात करेंगे।
 

04:58 PM, 16-Dec-2020

एक ओर किसान कर रहे आंदोलन, यहां आपने किया समर्थन, आपका धन्यवादः कृषि मंत्री

ग्वालियर में आयोजित किसान सम्मेलन में कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा जब किसानों को गुमराह किया जा रहा है और पंजाब के किसान देश के एक कोने में आंदोलन कर रहे हैं तो आप किसान भाई रीवा, सागर, ग्वालियर, उज्जैन और अन्य जगहों पर नरेंद्र मोदी सरकार के कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं। मैं आप सभी का धन्यवाद करता हूं।
 

04:32 PM, 16-Dec-2020

किसान संगठनों ने बुलाई आपात बैठक

सुप्रीम कोर्ट में आज आंदोलन को लेकर सुनवाई हुई जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बनाने का इशारा किया है। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने आपात बैठक बुलाई है जिसमें वह अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।

04:17 PM, 16-Dec-2020

यूपी गेटः किसानों ने की बैरिकेड पर चढ़कर दिल्ली जाने की कोशिश

यूपी गेट पर आज शाम करीब 4.00 बजे किसानों ने बैरिकेड पर चढ़कर दिल्ली में घुसने की कोशिश की है।

03:45 PM, 16-Dec-2020

गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को पूर्व सैनिकों का भी साथ मिला

विजय दिवस के अवसर पर गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को पूर्व सैनिकों का भी साथ मिला है। यूपी गेट पर पूर्व सैनिकों के वेटरन्स एसोसिएशन ने किसानों के साथ राष्ट्रीय गान गाया।

02:53 PM, 16-Dec-2020

राहुल आखिर किस आधार पर कृषि कानून का विरोध कर रहे हैंः शिवराज सिंह

कृषि कानूनों का विरोध कर रहे राहुल गांधी पर तंज कसते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिवराज सिंह चौहान ने रीवा में हो रहे किसान सम्मेलन में कहा कि राहुल गांधी आखिर किस आधार पर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। क्या वह किसानों के बारे में कुछ समझते हैं? क्या वह जानते हैं कि खेती क्या है? क्या वो सही तरीके से बता सकते हैं कि मक्का की फसल कैसे बोई जाती है? वह आगे बोले, हमने सुना है कि दिग्विजय और कमलनाथ उपवास करने वाले हैं, वो भी किसानों के साथ हुए अन्याय के लिए...अरे तुमने तो पाप किया है प्रायश्चित करो, भूखे रहो लेकिन प्रायश्चित करने के लिए रहो।
 

02:37 PM, 16-Dec-2020

दिल्ली से नोएडा आने वाला रास्ता भी बंद करने का एलानः अंबावत गुट

किसानों यूनियन का अंबावत गुट आज चिल्ला बॉर्डर पर पहुंचा। यहां उन्होंने गुरुवार से चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली से नोएडा आने वाले रास्ते को भी बंद करने का एलान किया है।

02:23 PM, 16-Dec-2020

सिंघु बॉर्डरः टेंट सिटी में बदला पेट्रोल पंप

सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए पेट्रोल पंप को टेंट सिटी में बदला गया। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि, 'हमारी कंडीशन देख कर फाउंडेशन वालों ने ये टेंट लगवाए। इनमें अब ठंड नहीं लगती। इसके लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता। इसका सारा रख रखाव यही करते हैं।'
 

02:05 PM, 16-Dec-2020

हम इस मुद्दे पर एक कमेटी बनाएंगे- सीजेआई

इसके बाद वकील राहुल मेहरा ने कहा कि किसान कड़कती ठंड में हैं। वो यहां मजबूरी के चलते हैं। यह इच्छा से नहीं किया गया है। तब एसजी बोले कि ऐसा लगता है आप किसी किसान संगठन की तरफ से पेश हुए हैं। तब अधिवक्ता मेहरा बोले मैं भी कह सकता हूं कि आप किसी और चीज के लिए उपस्थित हुए हैं। बाद में अदालत ने एसजी को बताया कि कोर्ट तुरंत एक कमेटी बनाएगी जिसमें पूरे देश के किसान संगठनों के किसान होंगे। नहीं तो ये जल्द ही एक राष्ट्रीय मुद्दा बन जाएगा। ऐसा लगता है कि सरकार नहीं संभाल पाएगी। इसके साथ ही अदालत ने केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर कल तक जवाब मांगा है।

02:02 PM, 16-Dec-2020

सरकार बातचीत में नाकाम रही- सीजेआई

सीजेआई ने कहा कि वो कौन से पक्ष हैं जो प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं? एसजी ने बताया भारतीय किसान यूनियन। सरकार किसानों के हित के विरुद्ध कोई काम नहीं करेगी। पहले किसान सरकार के साथ बैठें और हर धारा पर चर्चा करें, तब जाकर खुले मन से कोई चर्चा या वाद-विवाद संभव है। इस पर सीजेआई ने कहा कि आपकी बातचीत ने काम नहीं किया। आपको बातचीच की इच्छाशक्ति दिखानी होगी और हमारे सामने किसान को लाना होगा जो बातचीत के लिए राजी हो। हमें यूनियन का नाम दीजिए। एसजी बोले कि मैं आपको दस मिनट में नाम दे सकता हूं, अभी मुझे भारतीय किसान का नाम याद आ रहा है।

02:02 PM, 16-Dec-2020

सीजेआई ने एसजी से कहा- कोई रोड ब्लॉक करने वाला है तो वो आप हैं

तमाम दलीलों को सुनने के बाद सीजेआई ने एसजी से कहा कि हम देख रहे हैं कि सभी याचिकाएं अजीब हैं और हमारे सामने कोई वैधानिक मुद्दा नहीं रखा गया है। हमारे सामने जिसने रोड ब्लॉक किया है उसमें सिर्फ आप हैं मिस्टर एसजी। इस पर एसजी ने कहा कि मैंने रोड ब्लॉक नहीं की है। इस पर सीजेआई ने कहा कि नहीं, नहीं, नहीं। किसने रोड ब्लॉक की है? तब एसजी ने जवाब दिया किसान आंदोलन कर रहे हैं और सड़क दिल्ली पुलिस ने ब्लॉक की है। तब सीजेआई बोले कि असल में कोई रोड ब्लॉक करने वाला है तो वो आप हैं।

02:02 PM, 16-Dec-2020

आंंदोलन से अनुच्छेद 19 का उल्लंघन हो रहा है- वकील रीपक कंसल

इस पर वकील रीपक कंसल ने कहा कि संतुलन होना चाहिए। मुक्त आवागमन नहीं हो पा रहा, एंबुलेंस नहीं जा पा रही। यह अनुच्छेद 19(1),(a)(b) और (c) का उल्लंघन है। इसके बाद वकील जीएस मणि ने अदालत में कहा कि उनके पास तमिलनाडु में भूमि है और वह किसानों की तकलीफ समझते हैं क्योंकि वह जब वहां जाते हैं तो खेती करते हैं। मुझे नहीं पता कि यह सरकार की गलती है कि किसानों की। इस पर सीजेआई ने उन्हें लगभग डांटते हुए कहा कि क्या आप चुप रहेंगे और सुनेंगे? आप कहते हैं कि आप पंजाब और हरियाणा के किसानों का दर्द समझ सकते हैं क्योंकि आपके पास तमिलनाडु में भूमि है? आप क्या जानते हैं? तब मणि ने कहा कि वह कड़ाके की ठंड में प्रदर्शन करने का दर्द जानते हैं।

02:02 PM, 16-Dec-2020

बेवजह हमसे बहस मत करिए- सीजेआई

इसके बाद वकील रीपक कंसल के पेश होने पर सीजेआई ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि क्या संगठनों को जोड़ा गया है। इस पर अधिवक्ता परिहार ने कहा कि उनके शामिल होने की जानकारी नहीं है। तब सीजेआई बोले अखबारों की रिपोर्ट देखिए संस्थाएं मौजूद हैं। इस पर परिहार ने कहा कि हम ऐसा करेंगे तो अदालत कहेगी कि हम अखबारों की रिपोर्ट चल रहे हैं और हमारी याचिका खारिज कर देगी। तब सीजेआई ने कहा कि आपको अदालत को मदद करनी चाहिए। बेवजह हमसे बहस मत करिए। 

02:01 PM, 16-Dec-2020

सीजेआई ने पूछा- कितने लोगों ने सड़क जाम किया, कौन जिम्मेदारी लेगा?

इसके बाद सीजेआई बोबडे ने कहा कि उनका कोई केस है तो हम उन्हें सुनेंगे। लेकिन उनका कोई केस हमारे सामने नहीं है। इसके बाद ओम प्रकाश परिहार ने अपनी दलीलें देनी शुरू कीं। परिहार ने शाहीन बाग और किसान आंदोलन की परिस्थिति की तुलना की। तब सीजेआई ने पूछा कि कितने लोगों ने वहां सड़क जाम किया था? क्या लोगों की संख्या इसका निर्धारण नहीं करेगी? जिम्मेदारी कौन लेगा? कानून और व्यवस्था की स्थिति में कोई मिसाल नहीं हो सकती?

01:09 PM, 16-Dec-2020

सीजेआई ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा- इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर आप ठीक से बहस क्यों नहीं कर रहे

एसजी ने एक बार फिर अदालत से अधिवक्ता हरीश साल्वे को अनम्यूट करने को कहा। इस पर कोर्ट मास्टर ने अदालत को जानकारी दी कि किसी एओआर ने साल्वे के उपस्थित होने की जानकारी नहीं दी है। इसके बाद दुष्यंत तिवारी ने अपनी दलीलों में कहा कि याचिकाकर्ता किसान नहीं बल्कि कानून का छात्र है। इस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि यह इतना महत्वपूर्ण विषय है आप इस पर सही तरीके से बहस क्यों नहीं कर रहे। हम आपसे पूछ रहे हैं कि आप का पक्ष क्या है, आपके मुद्दे और याचना क्या हैं? इसी बीच एसजी ने एक बार फिर अदालत की कार्रवाई में दखल दिया और कहा कि मैं माफी चाहता हूं लेकिन हरीश साल्वे ने एक और मैसेज भेजकर इस मामले में उपस्थित रहने की अपील की है। उनका कहना है कि उनका केस भी ऐसा ही है। तब सीजेआई ने कहा कि हमें परेशान न करें, हमारे पास साल्वे का कोई केस नहीं है।

01:06 PM, 16-Dec-2020

शाहीन बाग मामले के आदेश का हुआ कोर्ट में जिक्र

सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई तो सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्हें मैसेज मिला है कि वकील हरीश साल्वे अदालत में पेश होना चाहते हैं। इस पर सीजेआई एसए बोबडे ने कहा कि आप कोर्ट मास्टर पर टिप्पणी न करें। हम आपसे पूछ रहे हैं कि क्या वकील साल्वे इस मामले में उपस्थित होंगे। एसजी ने कहा कि मुझे अभी मैसेज मिला है। इस पर सीजेआई ने कहा कि हमारे पास कोई जानकारी नहीं है कि वह यहां उपस्थित होंगे। इसके बाद अधिवक्ता दुष्यंत तिवारी ने अदालत से कहा कि आपने अमित साहनी केस(शाहीन बाग मामले में) में जो आदेश दिया था उसका पैरा संख्या 19 देखें।

12:53 PM, 16-Dec-2020

किसानों के प्रदर्शन को लेकर तीन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन को लेकर दायर तीन याचिकाओं की सुनवाई शुरू हो चुकी है। इसमें से एक याचिका में प्रदर्शनकारी किसानों को रास्ते से हटाने के लिए भी याचिका है।

12:25 PM, 16-Dec-2020

सपा के अधिकतर कार्यकर्ता किसान ही हैं: अखिलेश यादव

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि सपा के अधिकतर कार्यकर्ता किसान ही हैं। सपा अध्यक्ष ने एक ट्वीट में कहा 'भाजपा सरकार ने सपा के कार्यकर्ताओं को ही जेल नहीं भेजा है बल्कि किसानों की ही गिरफ्तारी की है क्योंकि सपा के अधिकतर कार्यकर्ता किसान ही हैं। सपा के इस संघर्ष में किसान, मजदूर, महिला, युवा, छोटे व्यापारी, दुकानदार, कारोबारी साथ हैं क्योंकि कृषि कानून का असर सब पर पड़ रहा है।' गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता किसानों के आंदोलन के समर्थन में पूरे प्रदेश में आंदोलन कर रहे है। खुद सपा प्रमुख अखिलेश भी इस मुद्दे पर सड़क पर उतरकर गिरफ्तारी दे चुके हैं।

11:47 AM, 16-Dec-2020

दिल्ली-नोएडा (चिल्ला बॉर्डर) बॉर्डर बंद होने के कारण अब नोएडा से दिल्ली जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले डीएनडी और सराय काले खां के रास्ते पर लंबा जाम लग गया है। अब तक यहां नोएडा से दिल्ली जाने वाले दो लेन खुले थे लेकिन अब किसानों ने अपना प्रदर्शन तेज करते हुए दिल्ली जाने वाली सभी लेन बंद कर दी है।

11:21 AM, 16-Dec-2020

चिल्ला बॉर्डर से दिल्ली जाने के सभी रास्ते बंद

चिल्ला बॉर्डर पर 15 दिन से ज्यादा समय से प्रदर्शन कर रहे भारतीय किसान यूनियन (भानु) के किसानों ने आज चिल्ला बॉर्डर को पूरी तरह से दिल्ली जाने के लिए बंद कर दिया है। दरअसल चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली जाने वाली चार में से दो लेन खुली थी लेकिन आज किसानों ने उन दो लेन को भी बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया  है।

 

10:09 AM, 16-Dec-2020

लिखित जवाब, कहा- आंदोलन को बदनाम करना बंद करें

सरकार ने जब से किसानों को लिखित प्रस्ताव भेजा था उसके बाद से ही सरकार यह कह रही थी कि किसानों ने उनका जवाब नहीं दिया है। इसी के चलते आज संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से प्रोफेसर दर्शन पाल ने कृषि मंत्री को प्रस्ताव का जवाब लिखित में दिया है। इसमें उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार का प्रस्ताव नामंजूर है। इस पत्र में लिखा है, 'आपसे प्राप्त किए गए प्रस्ताव और पत्र के संदर्भ में आपके माध्यम से सरकार को सूचित करना चाहते हैं कि किसान संगठनों ने उसी दिन एक संयुक्त बैठक की और आपकी तरफ से दिए गए प्रस्ताव पर चर्चा की और इसे अस्वीकार कर दिया, क्योंकि 5 दिसंबर 2020 को सरकारी प्रतिनिधियों द्वारा मौखिक प्रस्ताव का ही लिखित प्रारूप था। हम अपनी मूल बातें पहले ही विभिन्न दौर की बातचीत में मौखिक तौर पर रख चुके थे, इसीलिए, लिखित जवाब नहीं दिया। हम चाहते हैं कि सरकार किसान आंदोलन को बदनाम करना बंद करे और दूसरे किसान संगठनों से समानांतर वार्ता बंद करे।'

09:37 AM, 16-Dec-2020

समझौते और संघर्ष की शर्तों के बीच सरकार के प्रस्ताव पर आज संयुक्त मोर्चा जवाब देगा

किसान आंदोलन भी टुकड़े- टुकड़े में अब ‘समझौते’और ‘संघर्ष’ की दिशा में बढ़ चला है। आंदोलन से जुड़े कई संगठन नए सिरे से बातचीत का मन बना रहे हैं, वहीं संयुक्त मोर्चा के नाम पर पंजाब की जत्थेबंदियों ने एकजुट आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है। 
 

09:12 AM, 16-Dec-2020

यूपी की अलग-अलग जगहों से आए पूर्व सैनिक गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे

किसान कानूनों के विरोध के लिए यूपी की अलग-अलग जगहों से आए पूर्व सैनिक गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। पूर्व सैनिक संगठन से सूबेदार रहे जे.पी. मिश्रा ने बताया कि ओडिशा से भी और लोग आज आ रहे हैं। साढ़े 10 बजे तक लगभग 200 लोग आ जाएंगे। किसानों के साथ अब संत और सैनिक समाज दोनों खड़े हैं।
 

09:02 AM, 16-Dec-2020

20 को ‘शहीद’ किसानों को देंगे श्रद्धांजलि

किसान नेता ऋषिपाल ने कहा, जब से आंदोलन शुरू हुआ है हर दिन औसत एक किसान भाई की जान जा रही है। अब तक 20 किसान इस आंदोलन में शहीद हुए हैं। हम सब इन किसानों के सम्मान में 20 दिसंबर को श्रद्धांजलि दिवस के तौर पर मनाएंगे और देश भर के गांवों और तहसील मुख्यालयों पर 20 दिसंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक श्रद्धांजलि दी जाएगी। 
 

08:54 AM, 16-Dec-2020

चिल्ला बॉर्डर जाम करने का एलान

केंद्र के तीन कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ 21 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों ने मंगलवार को सख्त संदेश दिया कि वह किसी भी हाल में सरकार को तीनों कानून वापस लेने पर मजबूर करेंगे। किसान आज चिल्ला बॉर्डर जाम करेंगे और आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। 

08:48 AM, 16-Dec-2020

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद किसान संगठनों ने बुलाई आपात बैठक, आगे की रणनीति पर होगा विचार

कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर हो रहे किसानों के आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। दायर याचिका में कहा गया है कि धरना-प्रदर्शन से आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। आज सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की बेंच सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं दाखिल की गई हैं।

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