व्यक्ति के जीवन में भी और देश के जीवन में भी ऐसे क्षण आते हैं जब कुछ अच्छा करने चलो तो बाधाएं आती हैं। ऐसी ही परिस्थिति से आज हम गुजर रहे हैं: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता किसानों के प्रदर्शन के कारण बुरी तरह से प्रभावित है। कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे किसान संगठन महामाया फ्लाइओवर के पास इकट्ठा हो गए हैं। जिसके कारण नोएडा से दिल्ली जाने का रास्ता पूरी तरह से जाम हो गया है।
राहुल गांधी को कांग्रेस भी गंभीरता से नहीं लेती, देश का तो सवाल ही नहीं उठता। आज जब वे राष्ट्रपति को विरोध व्यक्त करने गए तब कांग्रेस से कोई भी नेता किसानों से हस्ताक्षर करवाने नहीं आया और न किसानों ने हस्ताक्षर किए: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
यूपी गेट पर किसानों के समर्थन में विजय हिंदुस्तानी ने अपने खून से पत्र लिखकर सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। विजय हिंदुस्तानी ने सात अन्य किसानों के साथ किसी भी तरह का कदम उठाने का अल्टीमेटम सरकार को दिया है।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा यूपी के बिलासपुर के नवाबगंज स्थित गुरुद्वारा पहुंचे। वहां वह बोले, सुप्रीम कोर्ट ने भी किसानों को धरना प्रदर्शन करने का अधिकार दिया है तो यूपी पुलिस किस हक से किसानों को दिल्ली जाने से रोक रही है। उन्होंने कहा है कि जो किसान दिल्ली आना चाहते हैं, उन्हें पुलिस अपनी धक्केशाही से ना रोके।
किसान मजदूर संघ के 60 किसानों का दल केंद्रीय कृषि नरेंद्र नरेंद्र तोमर से मिलने कृषि भवन पहुंचा है।
बास्केट बॉल खिलाड़ी सतनाम सिंह सिंघु बॉर्डर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि हम यहां अपनी सेवाएं देने आए हैं ताकि किसानों को कोई तकलीफ न हो
किसान संगठनों को सरकार ने चिट्ठी भेजकर कहा है कि वह सभी मुद्दों पर बात करने को तैयार है। सरकार ने ये भी कहा है कि तीनों कानूनों में एमएसपी की बात नहीं है, सरकार पहले ही सरकार इसे लेकर वर्तमान व्यवस्था चालू रहने के लिए लिखित आश्वासन देने को तैयार हो चुकी है, ऐसे में कानून से बाहर जाकर इसकी कोई मांग तर्कसंगत नहीं है। आवश्यक वस्तु एक्ट में संशोधन पर बात संभव है। विद्युत अधिनियम और पराली पर अभी सिर्फ प्रस्ताव ही लाया गया है। सरकार ने किसानों से वार्ता की तारीख और समय पूछा है।
मथुरा व आगरा से आए किसान महामाया फ्लाईओवर पर डटे हैं जिसके चलते फ्लाईओवर और आसपास के इलाकों में भारी जाम लग गया है।
मथुरा व आगरा से किसान यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर पहुंचे। नोएडा से दिल्ली जाने पर अड़े हुए हैं लेकिन पुलिस उन्हें समझाकर वापस भेजने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने किसानों के आंदोलन को लेकर आज कहा, मुझे लगता है कि केंद्र सरकार अपने अहंकार के कारण कृषि कानून के मुद्दों पर अटकी हुई है। उन्होंने किसानों को खालिस्तानी, नक्सल, आतंकवादी और न जाने क्या-क्या नहीं कहा। सरकार की टालमटोल करने की तरकीब अब काम नहीं कर रही।
राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करने निकले प्रियंका गांधी समेत जिन कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था, उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस थाने ले जाया गया है।
राष्ट्रपति से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि, राष्ट्रपति से हमने कहा कि ये जो कानून बनाए गए हैं ये किसान विरोधी हैं और इनसे किसानों,मज़दूरों का नुकसान होने वाला है। मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि किसान हटेगा नहीं, प्रधानमंत्री को ये नहीं सोचना चाहिए कि किसान, मजदूर घर चले जाएंगे।
प्रियंका गांधी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा नेता और समर्थक किसानों के लिए जिस तरह के शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं, उसका इस्तेमाल करना पाप है। अगर सरकार किसानों को देशद्रोही कह रही है तो सरकार पापी है।
कृषि कानूनों और किसानों के समर्थन में विजय चौक से लेकर राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया है।
राष्ट्रपति से मिलने के लिए कांग्रेस के सिर्फ तीन नेताओं को अनुमति मिली थी जिसके चलते राहुल गांधी संग वो तीन नेता राष्ट्रपति भवन में प्रवेश कर चुके हैं। वहीं अन्य पार्टी नेता एक नियत जगह पर ही रोक लिए गए हैं।
विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक निकाले जा रहे कांग्रेस के मार्च में शामिल कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, बीजेपी की सरकार किसानों के पेट पर लात मार रही है और हमारा कर्तव्य है कि हम किसानों के साथ खड़े रहें, इसलिए हम लोग अपना कर्तव्य निभाएंगे।
कांग्रेस ने अपना मार्च शुरू किया तो उसे आधे रास्ते में ही रोक लिया गया। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों को राष्ट्रपति भवन जाने की इजाजत मिली है, सिर्फ उन्हें ही राष्ट्रपति भवन तक जाने की अनुमति देंगे।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बताया कि आज हम राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे। हम चाहते हैं कि सरकार ने जिस तरह से कृषि कानून को पास कराने से पहले किसानों से कोई राय नहीं ली उसका प्रायश्चित करे। मुझे लगता है कि राष्ट्रपति की भूमिका एक सरकार को प्रोत्साहित करने और गाइड करने में बेहद महत्वपूर्ण होती है।
पंजाबा से कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल ने बताया कि हम सभी सांसद आज राहुल गांधी जी के नेतृत्व में राष्ट्रपति जी से मिलने जाएंगे और हमने इन कानूनों के खिलाफ 2.5 करोड़ के करीब जो हस्ताक्षर कराए हैं उस ज्ञापन को राष्ट्रपति को सौंपेंगे।
राहुल गांधी पार्टी मुख्यालय पर वरिष्ठ नेताओं और सांसदों से मिले। वह विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च कर 2 करोड़ हस्ताक्षर वाला ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपेंगे जो कृषि बिल की वापसी की मांग करता है।
किसान आंदोलन की वजह से लुधियाना के होजरी उद्योग को नुकसान हो रहा है। एक दुकानदार ने बताया, 'किसान आंदोलन और शादियां खत्म हो जाने की वजह से हमारे पास ग्राहक कम आ रहे हैं। अगर आंदोलन नहीं होता तो हमारा काम अच्छा चलता। पिछली बार की तुलना में इस बार 30-35 प्रतिशत काम कम हो गया है।'
सिंघु बॉर्डर पर पिछले करीब एक महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शन की वजह से बॉर्डर के आसपास के पेट्रोल पंप को काफी नुकसान हो रहा है, पेट्रोल पंप खाली पड़े हैं। एक पेट्रोल पंप के सुपरवाइजर ने बताया, 'पंप अभी बिल्कुल बंद है, 27 नवंबर से कोई गाड़ी नहीं आ रही है। सैलरी की दिक्कत आएगी।'
बुराड़ी ग्राउंड में प्रदर्शन कर रहे भारतीय किसान यूनियन के सदस्य बिंदर सिंह गोलेवाला का कहना है कि, जब तक काले कानून रद्द नहीं हो जाते तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा, हमारे हौसले बुलंद हैं। सरकार जितनी जल्दी हो सके ये कानून रद्द कर दे नहीं तो संघर्ष और बड़ा होगा। हमें दुनिया का सहयोग मिल रहा है।
गाज़ीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, 'जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता तब तक हम हटेंगे नहीं..चाहे 10 साल लग जाएं। 6 बार की बातचीत हो चुकी है। सरकार चाहती तो हल निकाल सकती थी।'
बुराड़ी के संत निरंकारी ग्राउंड में भी जारी है प्रदर्शन
सिंघु, टिकरी, गाजीपुर और चिल्ला बॉर्डर के अलावा किसानों का आंदोलन दिल्ली के बुराड़ी के संत निरंकारी ग्राउंड में भी चल रहा है। यहां पर डटे किसान भी अपनी मांगों के पूरा हुए बिना यहां से जाने को तैयार नहीं हैं।