किसान नेता बूटा सिंह ने कहा कि हमने 10 तारीख का अल्टीमेटम दिया हुआ था कि अगर पीएम मोदी ने हमारी बातों को नहीं सुना और कानूनों को रद्द नहीं किया तो सारे धरने रेलवे ट्रैक पर आ जाएंगे। आज की बैठक में ये फैसला हुआ कि अब रेलवे ट्रैक पर पूरे भारत के लोग जाएंगे। संयुक्त किसान मंच इसकी तारीख की जल्द घोषणा करेगा।
किसान नेता बूटा सिंह ने कहा कि पंजाब में टोल प्लाजा, मॉल, रिलायंस के पंप, भाजपा नेताओं के दफ्तर और घरों के आगे धरना अभी भी जारी है। इसके अलावा 14 तारीख को पंजाब के सभी DC ऑफिसों के बाहर धरने दिए जाएंगे।
कैंसर से जूझने के बाद भी 80 साल के बुजुर्ग की हिम्मत में कोई कमी नहीं आई है। रोजाना गाजीपुर बॉर्डर पर सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक समय देते हैं। बुजुर्ग का कहना है कि सरकार किसानों के साथ नाइंसाफी कर रही है। सरकार को अपने कानून वापस ले लेने चाहिए।
कृषि मंत्री ने ये भी कहा कि हम बार-बार एमएसपी को लेकर आश्वासन दे चुके हैं लेकिन अब भी किसानों को इसे लेकर कोई आशंका है तो सरकार एमएसपी पर लिख के देने को तैयार है।
आप सभी को मालूम है कि पहले यूरिया की काफी किल्लत होती थी और जब किसानों को जरूरत होती थी तो मुख्यमंत्री दिल्ली में आकर बैठ जाते थे। कई बार यूरिया लूटने की भी घटना होती थी। मोदी जी यूरिया की पूर्ति नियमित की।
पहले निजी निवेश गांव तक पहुंचे इसकी बहुत कम संभावना थी। हमारा प्रयास है कि कृषि आगे बढ़े और उनकी आमदनी दोगुनी हो।
चिल्ला बॉर्डर पर किसान दंड बैठक करते देखे जा रहे हैं। यहां किसान आंदोलन के अलावा नुक्कड़ नाटक, भजन-कीर्तन आदि भी करते हैं।
चिल्ला बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन भानू के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप धरनास्थल पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती किसान बॉर्डर से नहीं जाएंगे।
चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली के एसीपी पुलिस पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को कोरोना जांच के लिए कहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इस पर एसीपी ने किसान नेता को फूल देकर मनाने की कोशिश की। इस पर किसानों ने कहा कि प्रशासन शांति से बात करेगा तो हम भी करेंगे। इसके बाद नोएडा पुलिस ने भी किसानों को फूल दिए।.
टिकरी बॉर्डर पर किसानों के लिए काजू-बादाम का लंगर चल रहा है। वहीं यहां किसानों को मुफ्त में टूथपेस्ट और साबुन भी दिया जा रहा है।
किसानों के साथ प्रदर्शन में मौजूद खिलाड़ियों का कहना है कि हम किसान परिवारों की मदद के लिए उनके साथ आए हैं। सरकार से उनकी मांगें मनवाने के बाद ही हमारी वापसी होगी।
कुंडली बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन एक अलग ही अंदाज में चल रहा है। वहां किसानों के समर्थन में कई खिलाड़ी इकट्ठा हुए हैं। साथ ही युवा किसानों की भी अच्छी खासी संख्या है। उन्होंने डंबल के साथ ही कसरत के अन्य कई अपकरणों को जमा किया हुआ है। वे उन उपकरणों के साथ ही प्रदर्शन कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आंदोलन कर रहे किसानों से की अपील की है कि, फर्जी और भ्रामक खबरों का शिकार न हों।
केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के किसान आंदोलन के पीछे चीन-पाकिस्तान का हाथ है वाले बयान का चौतरफा विरोध हो रहा है। अब इस पर महाराष्ट्र के मंत्री बच्चू काडू ने कहा है कि पिछली बार जब उन्होंने ऐसे ही विवादित बयान दिए थे तो हमने उनके घर का घेराव किया था। लेकिन अब हालत ये है कि हमें उनके घर में घुसकर उनकी पिटाई करनी होगी।
किसानों के समर्थन में आज ग्रेटर नोएडा में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पदयात्रा निकाल रहे थे। लेकिन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की पदयात्रा को पुलिस ने रोक लिया और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया।
सूत्रों के अनुसार आज कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर आज आंदोलनकारी किसानों से आंदोलन खत्म करने और सरकार के साथ मिलकर काम करने की मांग करेंगे। इसके साथ ही वह प्रेस को भी संबोधित करेंगे। जानकारी के मुताबिक, कृषि मंत्री आज शाम चार बजे प्रेस कॉन्फ्रेस करेंगे।
पंजाब के हरमंदिर साहिब(स्वर्ण मंदिर) में अमृतसर में आंदोलन कर रहे किसानों के लिए खास अरदास की गई।
चिल्ला बॉर्डर पर आज दिल्ली से आने वाला यातायात सुचारु रूप से चल रहा है।
केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा है कि, अगर एक केंद्रीय मंत्री को यह जानकारी है कि किसान आंदोलन के पीछे पाकिस्तान या चीन का हाथ है तो रक्षा मंत्री को तुरंत चीन और पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक करनी चाहिए। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और हमारी सेनाओं के अध्यक्षों को इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। बता दें कि केंद्रीय मंत्री रावसाहेब ने बुधवार को कहा था कि यह किसानों का आंदोलन नहीं है। इसके पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ है।
भारतीय किसान यूनियन के नेता मनजीत सिंह ने कहा कि सरकार की मंशा किसान आंदोलन को कमजोर करने की है लेकिन अब ज्यादा से ज्यादा किसान दिल्ली आकर इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। हम दिल्ली के लोगों से अपील करते हैं कि हमें समर्थन दें।
टिकरी और धांसा बॉर्डर आज पूरी तरह से बंद रहेंगे। वहीं झटीकरा बॉर्डर सिर्फ दो पहिया वाहन और पैदल राहगीरों के लिए खुला रहेगा।
हरियाणा के झरोडा बॉर्डर(एक तरफ का रास्ता), दौराला, कापसहेड़ा, बडुसराय, रजोकरी एनएच 8, बिजवासन/बजघेड़ा, पालम विहार और डुंडहेड़ा बॉर्डर खुले रहेंगे।
टिकरी बॉर्डर पर डटे हैं किसान
किसान आंदोलन आज 15वें दिन में प्रवेश कर चुका है और आज भी किसान टिकरी बॉर्डर पर डटे हैं।