कृषि कानूनों के विरोध में किसान गाजीपुर-गाजियाबाद बॉर्डर पर जमे हुए हैं और संघर्ष के गीत गा रहे हैं।
नड्डा के घर बैठक हुई खत्म
जेपी नड्डा के घर किसान आंदोलन को लेकर बुलाई गई बैठक खत्म हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह समेत सभी नेता नड्डा के घर से निकल गए हैं।
'आप' सरकार किसान आंदोलन की सेवादार : राघव चड्ढा
आप नेता राघव चड्ढा ने कहा कि किसान दिल्ली में जहां भी विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं, उन्हें अनुमति दी जानी चाहिए। दिल्ली के मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार आप सरकार किसानों के विरोध प्रदर्शन में सेवादार की भूमिका निभाएगी। हम उनके लिए लंगर, पानी, बिजली की व्यवस्था करेंगे। हम किसानों के साथ खड़े हैं।
सक्रिय हुई सरकार
किसान आंदोलन को लेकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर बड़ी बैठक चल रही है। गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बैठक में मौजूद।
अमरिंदर सिंह ने कहा कोरोना की चिंता थी तो जल्द देनी चाहिए थी दिल्ली जाने की अनुमति
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा यदि वह (हरियाणा के मुख्यमंत्री) कोरोना फैलने के बार में इतने चिंतित थे, जबकि हरियाणा का ट्रैक रिकॉर्ड कोरोना को लेकर बेहद खराब रहा है, तो उन्हें हरियाणा में नहीं रोकना चाहिए था और जल्दी दिल्ली जाने की अनुमति दे देनी चाहिए थी।
दिल्ली-बहादुरगढ़ रोड़ पर टीकरी बॉर्डर आवाजाही के लिए अभी भी बंद
सरकार द्वारा बातचीत के लिए जो कंडीशन थी हम उसे किसान संगठनों का अपमान मानते हैं। अब हम बुराड़ी पार्क में बिलकुल नहीं जाएंगे। हमें पता चला है कि वो पार्क नहीं ओपन जेल है। हम ओपन जेल में जाने की बजाय 5 मेन मार्ग जाम कर दिल्ली की घेराबंदी करेंगे: दिल्ली, सिंघु बॉर्डर पर किसान नेता
किसान यूनियन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम बुराड़ी नहीं जाएंगे, सरकार बिना शर्त हमसे बात करे। हम अपने साथ चार महीने का राशन अपने साथ लेकर आए हैं। हम चार महीने तर यहां बैठ सकते हैं।
किसान नेता ने कहा कि सरकार के प्रस्ताव को हमने नामंजूर दिया है। हम जंतर-मंतर जाना चाहते हैं। बुराड़ी खुली जेल हैं, प्रदर्शन की जगह नहीं है। दो महीने से हम पंजाब में संघर्ष कर रहे हैं। हम अपने मंच से किसी भी राजनीतिक दल को आने की इजाजत नहीं देंगे।
केंद्र सरकार किसानों से तुरंत बिना शर्त बात करे
किसानों को शक है कि अगर वो बुराड़ी जाएंगे तो जो प्रेशर है वो कम हो जाएगा। उनका ये संदेह सही भी हो सकता और गलत भी। ऐसे में सरकार को अड़ियल रवैया नहीं अपनाना चाहिए। किसानों की मांगें जायज़ हैं। उनसे बात करके रास्ता निकालना चाहिए: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा
किसानों के आंदोलन के बीच राहुल गांधी ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि वादा था किसानों की आय दुगनी करने का, मोदी सरकार ने आय तो कई गुना बढ़ा दी लेकिन अदानी-अंबानी की! जो काले कृषि कानूनों को अब तक सही बता रहे हैं, वो क्या खाक किसानों के पक्ष में हल निकालेंगे? अब होगी किसान की बात।
बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। इसके बावजूद आज सुबह पंजाब के चार लोग सी हेक्सागन इंडिया गेट के पास स्थित पंजाब भवन के सामने पहुंच गए थे। वहां वे कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। फिलहाल उन्हें बुराड़ी भेजने की तैयारी की जा रही है।
एक तरफ किसानों ने बुराड़ी में प्रदर्शन करने से इनकार कर दिया है, वहीं दूसरी ओर निरंकारी समागम मैदान में उनके प्रदर्शन के लिए जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं।
फिलहाल सिंघु बॉर्डर पर तमाम किसान संगठन आपस में बैठक कर रहे हैं। वहीं अब संयुक्त किसान मोर्चा के साथ पंजाब के किसान अपना प्रस्ताव लेकर गए हैं। मोर्चे की समन्वय समिति के साथ बातचीत जारी है। बताया गया है कि शाम चार बजे किसान नेता सिंघु बॉर्डर पर प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।
लंबी बैठक के बाद सिंघु बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों ने बुराड़ी जाने से इनकार कर दिया है। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक कोई केंद्रीय मंत्री बात करने नहीं आएगा तब तक वो धरने पर बैठे रहेंगे।
बीते चार दिनों से सिंघु बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान डटे हुए हैं। पहले वे दिल्ली जाना चाह रहे थे, लेकिन रोके जाने के बाद अब उन्होंने एनएच-44 को पूरी तरह जाम कर दिया है। प्रदर्शन में मौजूद किसान नेताओं ने यह साफ कर दिया है कि वे सिर्फ प्रधानमंत्री व गृहमंत्री से बातचीत के लिए तैयार हैं और उसके लिए भी बुलावा लिखित में मिलता है तभी बात होने की उम्मीद है।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति रविवार को आंदोलनकारी किसानों ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंची। यहां प्रबंधन समिति के सदस्य प्रदर्शन कर रहे किसानों को भोजन पानी उपलब्ध करवा रहे हैं।
किसानों के आंदोलन और गृह मंत्री अमित शाह की शर्तों के बीच दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसानों से बात करने के लिए किसी तरह की शर्त नहीं होनी चाहिए। जल्द से जल्द बातचीत होनी चाहिए। वो हमारे देश के किसान हैं। वो जहां चाहें वहां उन्हें प्रदर्शन की अनुमति मिलनी चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी रविवार को मन की बात कार्यक्रम में किसानों के मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि काफी विचार-विमर्श के बाद भारत की संसद ने कृषि सुधारों को कानूनी स्वरूप दिया जिनसे न सिर्फ किसानों के अनेक बंधन समाप्त हुए हैं, बल्कि उन्हें नए अधिकार और नए अवसर भी मिले हैं।
लगातार चल रहे किसानों के प्रदर्शन को लेकर नीति आयोग के सदस्य (कृषि) रमेश चंद ने कहा कि आंदोलनकारी किसान नए कृषि कानूनों को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं। नए कृषि कानूनों में किसानों की आय को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की क्षमता है। चालू वित्त वर्ष 2020-21 में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत से कुछ बेहतर रहेगी।
सिंघु, टिकरी और दिल्ली गाजियाबाद बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन रविवार को भी जारी है। सुबह 11 बजे से एक बार फिर किसानों की बैठक शुरू हो गई है। इसमें किसान अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।
सिंघु बॉर्डर पर आवाजाही बंद होने के कारण आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को तो दिल्ली पहुंचने के लिए पैदल ही निकलना पड़ रहा है।
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन के दौरान कहा कि जब सारे आंदोलन रामलीला मैदान में होते हैं, तो हम निरंकारी भवन क्यों जाएं। ये विशेष सुविधा हमें क्यों मिल रही है? हम यहीं बॉर्डर पर ही डटे रहेंगे।
सिंघु बॉर्डर पर तैनात दिल्ली पुलिस के नॉर्थ रेंज के ज्वाइंट सीपी सुरेंद्र यादव ने बताया कि प्रदर्शनकारी किसान शांति से प्रदर्शन कर रहे हैं और अब तक कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनका सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद है कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसानों के आंदोलन के लिए पर्याप्त व्यवस्था हो।
मेरठ से दिल्ली कूच कर रहे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यूपी बॉर्डर पर पहुंचने से पहले राजधानी में डेरा डालने का इशारा किया है। उन्होंने कहा कि हमारे बड़े-बुजुर्ग कह रहे हैं इसलिए दिल्ली की 26 जनवरी की परेड जरूर देखेंगे। अबकी किसान दिल्ली में 26 जनवरी और 15 अगस्त सब देखेगा यानी कृषि कानून वापस नहीं लिए जाने तक भाकियू केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहेगा।
बैठकर प्रदर्शन कर रहे किसानों से बुराड़ी शिफ्ट होने की अपील करने के कारण प्रदर्शनकारी किसान नाखुश हैं। उनका कहना है कि गृहमंत्री की यह शर्त ठीक नहीं है। किसान आज बैठक करने के बाद अपने आंदोलन को लेकर फैसला लेंगे कि उन्हें शाह की शर्त माननी है या नहीं।