गृहमंत्री राजनाथ सिंह (प्रभारी प्रधानमंत्री) ने कहा कि किसानों की बदहाली में बजट की समस्या आड़े नहीं आने दी जाएगी। टैक्स के रुपयों से राज्यों को मिलने वाली 32 फीसदी धनराशि को बढ़ाकर हमने 42 फीसदी कर दिया है।
यूपी के सीएम को किसानों की बदहाली पर राजनीति न करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। यूपी को डेढ़ लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
पिछले दिनों ही 87 करोड़ रुपया दिया गया है। वह शनिवार को आरकेजीआईटी में कार्यकर्ता मिलन समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात में किसानों की सहायता राशि बढ़ाने के आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। किसानों की सहायता डेढ़ गुना करने के साथ ही नुकसान का दायरा 50 फीसदी से कम करके 33 फीसदी कर दिया गया है।
सपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की बदहाली पर राजनीति करने की बजाय सहायता राशि उपलब्ध कराए। ऐसा झूठ न बोलें, जिससे आंखों में आंख डालकर बात न कर सकें।
उन्होंने कांग्रेस और सपा को किसान विरोधी बताते हुए बीजेपी सरकार की किसान हितैषी नीतियों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि बीजेपी की 10 महीने की सरकार ने महंगाई दर 10 फीसदी से कम करके दो फीसदी पर ला दी है।
विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने बर्बाद किसानों को सहायता राशि वाली श्रेणी से बाहर रखकर अपना काम कर दिया है, अब हमें अपना काम करना है। रुपया देते हैं तो उसको किसानों को बंटवाने का इंतजाम भी रखते हैं।
किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। इस मौके पर वह बीजेपी कार्यकर्ताओं से एक-एक कर मिले। उनसे मिलने के लिए कार्यकर्ताओं में जमकर धक्का-मुक्की हुई।
संचालन मयंक गोयल और अध्यक्षता भूपेंद्र सिंह ने की। पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर, प्रद्युम्न कुमार, मनोज धामा, अश्विनी शर्मा, जिलाध्यक्ष नंदकिशोर गुर्जर, दिनेश गोयल, बलदेवराज शर्मा, सरदार एसपी सिंह आदि मौजूद रहे।