भारतीय किसान परिषद, अखिल भारतीय किसान सभा, जय जवान जय किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन मंच ने शुक्रवार को दिल्ली कूच करने का फैसला वापस ले लिया। मुख्यमंत्री के आदेश पर तीन सदस्यीय कमेटी के गठन के बाद किसानों ने यह फैसला लिया है। कई दिनों से किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अड़े हुए थे।
किसानों ने अपनी मांगों के बाबत विरोधस्वरूप दिल्ली कूच का ऐलान किया था। उनका कहना था कि गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर ने आश्वासन दिया था कि उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। तय तिथि बीतने के बाद किसानों ने 23 फरवरी को दोबारा दिल्ली कूच का ऐलान कर दिया। इसके बाद शासन स्तर पर कमेटी गठित की गई। कमेटी नोएडा और ग्रेनो के किसानों की समस्याओं का समाधान करेगी, फिर तीन माह में प्रदेश सरकार को रिपोर्ट देगी। वहीं, अखिल भारतीय किसान सभा ने शुक्रवार को प्राधिकरण कार्यालय पर संगठन के सक्रिय सदस्यों को बुलाया गया है। इसके बाद आगे आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
कमेटी के अध्यक्ष के तौर पर उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के अध्यक्ष को चुना गया है, जबकि मेरठ के मंडलायुक्त और गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी कमेटी के सदस्य होंगे। इस संबंध में बृहस्पतिवार को कमिश्नर मुख्यालय सूरजपुर में जिले के संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई। इसमें पुलिस कमिश्नर, डीएम, जॉइंट कमिश्नर, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी, एसीपी मौजूद रहे। इसमें संयुक्त मोर्चा ने ऐलान किया कि दिल्ली कूच स्थगित किया जाता है। किसानों ने कहा, प्राधिकरण स्तर की समस्याएं प्राधिकरण स्तर पर ही जल्द से जल्द समाधान होना चाहिए।
भाकियू मंच की पुलिस कमिश्नर के साथ बैठक
भारतीय किसान यूनियन मंच शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी के साथ बैठक करेगा। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि मंच की ओर से कमेटी को सारे तथ्य और सुबूत दिखाए जाएंगे। मंच ने प्राधिकरण, पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और डीएम प्रयासों की सराहना की।