फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुआवजे को लेकर किसान आक्रामक, पुलिस के सामने ही जोत डाली जमीन

Mon, 02 May 2016 07:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
विज्ञापन
क‌िसानों का व‌िरोध - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
विज्ञापन
इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन (आईएमटी) के किसान हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार जमीन के बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर आक्रामक हो गए हैं। पूर्व घोषणा के मुताबिक रविवार को किसानों ने खाली पड़ी जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर कब्जा ले लिया। हालांकि कार्रवाई इतनी तेजी और जल्दबाजी में हुई कि पुलिस को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस को चकमा दे किसानों ने एक साथ खाली जमीन पर कब्जा ले लिया। किसानों के रुख को देखते हुए प्रशासन भी नरम पड़ गया है। एसडीएम महावीर सिंह ने किसानों को एकबार फिर बातचीत का न्यौता दिया। उधर, किसानों ने 8 मई को जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है। पेश है संवाददाता मुकेश शर्मा की लाइव रिपोर्ट:-
विज्ञापन


समय प्रात: 10 बजे
-किसानों का अनिश्चितकालीन धरने पर संख्या करीब 11 बजे तक पहुंचती है। लेकिन रविवार को निर्धारित समय से पूर्व ही दो सौ से ज्यादा किसान धरना स्थल पर पहुंच गए। कब्जे की सूचना से प्रशासन ने भी सीआईडी को सक्रिय किया हुआ था। लेकिन सीआईडी भी किसानों के रूख को नहीं भाफ पाई। हालांकि किसी तरह के उपद्रंव को देखते हुए आइएमटी के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। एकाएक धरने पर बैठे किसानों ने खाली पड़ी जमीन पर जुताई कर कब्जा करने की तैयारी शुरू कर दी।

समय 10:30 बजे
धरना स्थल से करीब 200 मीटर दूरी पर खड़ी पुलिस भाषणबाजी के बाद किसानों की कार्रवाई का इंतजार कर रही थी। लेकिन, किसानों ने ट्रैक्टर चालू कर धरना स्थल के आसपास के खेतों में जुताई शुरू कर दी। इसकी सूचना जैसे ही आइएमटी थाना में तैनात पुलिस प्रशासन को लगी। तभी डीसीपी भूपेंद्र, तहसीलदार बिजेंद्र सिंह, एसडीएम महावीर प्रसाद किसानों के पास पहुंचे और उन्हें ट्रैक्टर न चलाने की नसीयत दी। डीसीपी के आदेश पर पुलिस ने ट्रैक्टरों के आगे आकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस बीच किसान नेताओं और पुलिस के बीच जमकर बहसबाजी हुई। एक बुजुर्ग महिला ने डीसीपी व एसडीएम को जमकर खरी-खोटी सुनाई। हालांकि तब तक किसान अपनी योजना को अंजाम दे चुके थे।
विज्ञापन


प्रात: 11 बजे
पुलिस की सख्ती से किसानों ने खाली पड़ी जमीन से ट्रैक्टरों को बाहर निकाल लिया। इसके बाद किसान धरना स्थल पर पहुंचे। जहां माइक पर किसानों ने प्रशासन को जमकर कोसा। किसानों के बीच पहुंचे एसडीएम महावीर ने माइक संभाला और कहा कि मसला आंदोलन से नहीं, बातचीत से निपटेगा। उन्होंने किसान नेताओं से अपील की कि प्रशासन बातचीत के लिए तैयार है। इसलिए किसानों को कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। डीसीपी भूपेंद्र सिंह ने भी किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील की। लेकिन किसानों ने धरना समाप्त करने से साफ मना कर दिया। धरने को किशन चहल, कुलदीप, कृष्ण, प्रवीन चौधरी, देवेंद्र, राजेश तेवतिया, कृपाल महाराज सहित अनेक लोगों ने संबोधित किया। किसान नेता ओमपाल टोंगर ने चेतावनी भरे लहजे में 8 मई को जेल भरो आंदोलन चलाने की घोषणा की।

प्रात: 11:45 बजे
करीब पौने घंटे में मान-मनौव्वल के बाद किसानों ने प्रशासन को बातचीत के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श कर जवाब देने का आश्वासन दिया। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामनिवास नागर ने कहा कि किसान बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन प्रशासन बड़ी चालाकी से आंदोलन को खत्म करना चाहता है। जबकि किसान इसबार अपना हक लेकर ही आंदोलन खत्म करेंगे।  किसानों के आग्रह पर पिछले आठ दिन से भूख हड़ताल पर बैठे चंदावली निवासी जसवंत पंवार ने छोटी बच्ची छवि के हाथ से जूस पीकर अनशन खत्म कर दिया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें