फरीदाबाद। बीके अस्पताल में चलाए जा रहे मेंटल हेल्थ केयर सेंटर पर इन दिनों बढ़ी संख्या में मानसिक तनाव से ग्रसित और नशे के आदी हो चुके युवा पहुंच रहे हैं। सेंटर पर हर माह 100 से 150 मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। नशे और मानसिक तनाव का शिकार हाेने वाले अधिकांश मरीजों की आयु 15 वर्ष से 30 वर्ष के बीच की है। विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ते मानसिक तनाव और नशे की ओर युवाओं के आकर्षण का मुख्य कारण बदलता परिवेश और रहन-सहन बताया जा रहा है। साथ ही एकल परिवार भी काफी हद तक इसके लिए जिम्मेदार माने जा सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीके अस्पताल में मानसिक रूप से बीमार लोगों की पहचान व उनके उपचार के लिए मेंटल हेल्थ केयर सेंटर की शुरूआत छह माह पहले की गई थी। इस सेंटर पर किसी भी प्रकार से मानसिक रूप से ग्रसित लोगों का उपचार किया जाता है। केन्द्र पर हर माह 200 से 250 मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन इन मरीजों में से 100 से 150 ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जोकि नशे या फिर मानसिक तनाव का शिकार हो चुके हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक युवाओं में नशे की ओर युवाओं का बढ़ना और मानसिक तनाव की मुख्य वजह बदलता परिवेश और रहन-सहन है।
मूल्याकंन उपकरणों और दवाइयों के जरिए किया जाता है उपचार
मरीजों की मानसिक स्थिति का अनुमान लगाने के लिए टूल्स की मदद लेने के अलावा उसकी पारिवारिक स्थिति को भी देखा जाता है। इसके साथ ही मरीजों को काउंसलिंग दी जाती है। गंभीर रूप से मानसिक तनाव और नशे के आदी हो चुके युवाओं का दवाइयों के अलावा भर्ती कर उनका उपचार भी किया जा रहा है।
युवाओं में बढ़ रहीं महत्वाकांक्षाएं
विशेषज्ञों के मुताबिक मानसिक तनाव की शुरूआत हमारी इच्छाओं के न पूरा होने पर बढ़ने लगती है। युवा पीढ़ी में महत्वाकांक्षाओं का बढ़ना इसका मुख्य कारण है। कमाई के संसाधन कम होने की वजह से भी युवा दबाव में रहने लगते हैं। इसके अलावा घर का वातावरण और एकल परिवार भी युवा पीढ़ी में मानसिक तनाव को बढ़ाने के लिए काफी हद तक जिम्मेदार मानी जा सकती है।
जनवरी माह में पहुंचे 180 मानसिक रोगी
जिला अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य विभाग में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इन मरीजों को ओपीडी के माध्यम से दवाइयों और काउंसलिंग के जरिए उपचार दिया जाता है। इसके साथ ही गंभीर रूप से चरस , गांजा, अफीम इंजेक्शन जैसे नशे का शिकार हो चुके मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज भी किया जा रहा है। अक्तूबर माह में 95 मरीज, नंबर माह मेें 105 मरीज, दिसंबर माह में 150 मरीज जबकि जनवरी माह में यहां पहुंचे 257 मरीजों में से 180 की संख्या में युवा मानसिक तनाव और नशे का शिकार हो चुके युवा शामिल हैं।
युवाओं में तेजी से बढ़ रही नशे की आदत
मेंटल हेल्थ केयर सेंटर की मनोचिकित्सक डॉ. प्रीति दूबे ने बताया कि युवाओं में इच्छाओं के बढ़ने के साथ बदलता परिवेश इस प्रकार की समस्याओं के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि मानसिक रूप से बीमार हो रहे मरीजों में अधिकांश संख्या में युवा शामिल हैं। जिन्हें नशे के कारण मानसिक तौर से दिक्कतें हो रही हैं। शराब के अलावा अधिकांश मरीज चरस गांजा अफीम जैसे ड्रग्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। यहां इनका उपचार दवाइयों के साथ-साथ भर्ती करके भी किया जाता है।