फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: बिना सेफ्टी किट मैनहोल में उतरे कर्मचारी, जहरीली गैस से एक की मौत, दूसरा गंभीर

विज्ञापन
फरीदाबाद सेक्टर 25 एंपीरीयल ऑटो कंपनी के बाहर इसी सीवर की सफाई करते समय असलम की हुई मौत व बंटी 
विज्ञापन
सेक्टर-25 की कंपनी के बाहर हुआ दर्दनाक हादसा, हादसे के बाद कंपनी ने हटाया नाम का बोर्ड
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-25 स्थित प्लाॅट नंबर 132 के बाहर सोमवार सुबह सीवर की सफाई करने उतरे दो सफाईकर्मियों के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मैनहोल में उतरने के कारण जहरीली गैस की चपेट में आने से 36 साल के असलम की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं, अपने दोस्त को बचाने के लिए मैनहोल में उतरे बंटी की हालत भी बेहद गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद परिजनों ने कंपनी मालिक और प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाते हुए सेक्टर-58 थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

दोनों पीड़ित फरीदाबाद के सेक्टर-56 स्थित आशियाना सोसाइटी के रहने वाले हैं। असलम अविवाहित था, जबकि उसका साथी बंटी शादीशुदा है। कंपनी के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी हरिनंद साहू ने बताया कि यह प्लाॅट मालिक कैलाश गुप्ता ने एक माह पहले ही लाडो एंटरप्राइज नामक कंपनी को किराये पर दिया था। सोमवार सुबह करीब 10 बजे प्लाॅट मालिक की ओर से ही असलम और बंटी को सीवर व मैनहोल की सफाई के लिए बुलाया गया था।
विज्ञापन


सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी व सुपरवाइजर मौजूद नहीं
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, दोनों सफाईकर्मियों को बिना किसी मास्क, ऑक्सीजन सिलिंडर, बेल्ट या सेफ्टी किट के ही सीवर में उतार दिया गया। असलम सीढ़ी लगाकर सबसे पहले मैनहोल के अंदर उतरा था। सीवर में उतरते ही वहां मौजूद जहरीली गैस से उसका दम घुटने लगा और वह तड़पने लगा। इस दौरान मौके पर कंपनी या प्लाॅट मालिक का कोई जिम्मेदार कर्मचारी या सुपरवाइजर मौजूद नहीं था, जो आपात स्थिति में उनकी मदद कर पाता।

सच्ची दोस्ती की मिसाल, असलम का दम घुटा तो बचाने सीवर में कूदा बंटी
जैसे ही मैनहोल के अंदर असलम की तबीयत बिगड़ी और उसका दम घुटने लगा, तो उसने मदद के लिए आवाज लगाई। ऊपर खड़े उसके दोस्त बंटी ने बिना अपनी जान की परवाह किए असलम को बचाने के लिए मैनहोल में छलांग लगा दी। हालांकि, सीवर के अंदर जहरीली गैस का प्रभाव इतना ज्यादा था कि बंटी भी उसकी चपेट में आ गया और अचेत हो गया। आसपास के लोगों ने दोनों को बाहर निकाला। पुलिस दोनों को तुरंत बीके अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने असलम को मृत घोषित कर दिया, जबकि बंटी की नाजुक हालत को देखते हुए उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, बहन मौके पर हुई बेहोश
हादसे की सूचना परिजनों को सीधे कंपनी प्रबंधन से नहीं, बल्कि उसी कंपनी के सामने काम करने वाले एक परिचित से मिली। खबर मिलते ही परिवार के लोग रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। असलम की मौत की खबर सुनते मौके पर पहुंची असलम की बहन का विलाप देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। रोते-रोते वह कई बार मौके पर ही बेहोश हो गई। परिजनों का कहना है कि असलम परिवार का मुख्य सहारा था और इस लापरवाही ने उनकी दुनिया उजाड़ दी।

हादसे के तुरंत बाद हटा दिया गया कंपनी का बोर्ड
स्थानीय लोगों और परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के ठीक बाद कंपनी प्रबंधन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कंपनी के बाहर लगा कंपनी के नाम का बोर्ड हटा दिया, जिससे वहां सिर्फ प्लाॅट नंबर 132 लिखा रह गया। जब परिजनों ने विरोध जताया, तो कंपनी के सुरक्षाकर्मी हरिनंद साहू ने बताया कि प्लाॅट मालिक का नाम कैलाश गुप्ता है। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद न तो प्लाॅट मालिक और न ही कंपनी का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने आया।
विज्ञापन


परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई
मृतक के भाई शरीक ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद शुरुआती स्तर पर पुलिस प्रशासन का रवैया ढीला रहा और उनकी फरियाद को गंभीरता से नहीं सुना गया। परिजनों ने सेक्टर-58 थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर प्लाट मालिक कैलाश गुप्ता और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें