फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मनरेगा को बचाने के लिए देशभर का मजदूर हो रहा एकजुट : हुड्डा

विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, पिछले एक साल में केवल 2100 मजदूरों को ही सौ दिन का रोजगार मिला
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा योजना को कमजोर करने के साथ-साथ धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश कर रही है, लेकिन देशभर के मजदूर अब इसके बचाव के लिए एकजुट हो रहे हैं। हुड्डा शनिवार को ओल्ड फरीदाबाद में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में मनरेगा के आठ लाख पंजीकृत मजदूर हैं, लेकिन पिछले एक साल में केवल 2100 मजदूरों को ही सौ दिन का रोजगार मिला। उनका आरोप था कि जहां काम नहीं मिलता, वहां मजदूरों को मुआवजा देना जरूरी होता है मगर भाजपा सरकार ने पिछले पांच साल में एक भी मजदूर को मुआवजा नहीं दिया। उनके अनुसार इससे साफ है कि यह सरकार मजदूर विरोधी है और इसका सबसे ज्यादा नुकसान पिछड़े वर्गों को होगा, क्योंकि मनरेगा से जुड़े 90 प्रतिशत मजदूर इसी वर्ग से आते हैं।
विज्ञापन


हुड्डा ने वीबी जीरामजी की तुलना तीन कृषि कानूनों से करते हुए कहा कि जैसे किसान एकजुट हुए थे वैसे ही अब मजदूर भी एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर इस योजना को बचाने के लिए संघर्ष करेगी। इस दौरान उन्होंने लखन सिंगला को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम का हरियाणा समन्वयक बनाए जाने पर बधाई दी और कहा कि सिंगला पूरे प्रदेश में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे।
विज्ञापन


राज्य सरकार की योजनाओं पर भी सवाल उठाए
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की योजनाओं पर भी सवाल उठाए। लाडो लक्ष्मी योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने की बात कही गई, फिर इसे बीपीएल महिलाओं तक सीमित कर दिया गया और अब केवल 1100 रुपये नकद तथा 1000 रुपये की एफडी की घोषणा की गई है। उनके मुताबिक नए नियमों के चलते यह योजना भी जल्द बंद हो सकती है। एसवाईएल पर चल रही बैठकों पर हुड्डा ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है, तो बार-बार बैठकें क्यों हो रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2002 के समझौते पर तीन राज्यों और प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर थे और वही मान्य होना चाहिए। उन्होंने बताया कि 2016 में उन्होंने यह मुद्दा विधानसभा में उठाया था और तब सर्वदलीय बैठक भी हुई थी लेकिन प्रधानमंत्री से आज तक मुलाकात नहीं हो पाई।

इस मौके पर विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया, पूर्व विधायक नीरज शर्मा, रोहित नागर समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें