संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। महिलाओं में विटामिन डी की कमी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या के रूप में उभर रही है। अस्पताल की स्त्री रोग ओपीडी में प्रतिदिन करीब 20 महिलाएं विटामिन डी की कमी से जुड़ी शिकायतों के साथ इलाज के लिए पहुंच रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार यह समस्या खासकर शहरी महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, शाकाहारी और बढ़ती उम्र की महिलाओं में अधिक देखी जा रही है।
जिला नागरिक अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका ने बताया कि महिलाओं में विटामिन डी की कमी के प्रमुख कारणों में धूप का कम मिलना, संतुलित आहार की कमी, मोटापा, और गर्भावस्था शामिल हैं। इसके अलावा किडनी और लीवर से जुड़ी बीमारियां, सीलिएक और क्रोहन जैसे पाचन विकार भी विटामिन डी के अवशोषण को प्रभावित करते हैं। कुछ दवाओं का लंबे समय तक सेवन और उम्र बढ़ने के साथ शरीर की विटामिन डी बनाने की क्षमता कम होना भी इसकी वजह है।
डॉ. प्रियंका के अनुसार विटामिन डी की कमी से महिलाओं में थकान, कमजोरी, हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द, बार-बार फ्रैक्चर, मनोदशा परिवर्तन, अवसाद और बालों का झड़ना जैसी समस्याएं सामने आती हैं। गर्भावस्था के दौरान इसकी कमी होने पर शिशु में भी स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकता है।
उन्होंने बताया कि बचाव के लिए रोजाना सुबह 15 से 20 मिनट तक धूप लेना, विटामिन डी युक्त आहार जैसे मशरूम और फोर्टिफाइड दूध का सेवन करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है।