पड़ोस में रहती है रीना
जानकारी के अनुसार, मूलरूप से बिहार की रहने वाली ललिता, जो फरीदाबाद में झाड़सेतली गांव में किराए पर रहती है। ललिता का पति मजदूरी करता है। सोमवार शाम 9 महीने की गर्भवती ललिता को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने पड़ोस में किराए पर रहने वाले लोगों से मदद मांगी, जिनमें से एक महिला रीना ने उन्हें अस्पताल ले जाने की बात कही। रीना ललिता को पहले बल्लभगढ़ के सिविल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने बीके अस्पताल में डिलीवरी कराने की सलाह दी।
प्राइवेट अस्पताल बताकर चार हजार लिए एडवांस
इसको लेकर रीना ने ललिता के परिवार से झूठ बोलकर कि सरकारी अस्पताल में जगह नहीं है, इसलिए उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले जाना पड़ेगा। एक प्राइवेट अस्पताल ले गई, जहां डिलीवरी के 30 से 40 हजार रुपये सुनकर ललिता एडमिट नहीं हुई। इसके बाद रीना उन्हें बीके अस्पताल ले गई। जिस पर रीना ने ललिता से कहा कि यहां लगभग 12 हजार रुपये का खर्चा आएगा। ललिता का परिवार प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए तैयार हो गया। इलाके की जानकारी न होने के कारण परिवार रीना की बातों में आ गया और एडवांस में 4 हजार रुपये रीना को थमा दिए।
नर्स ने दी जानकारी
ललिता को प्राइवेट हॉस्पिटल बताकर बीके अस्पताल में भर्ती करवा दिया। इसके बाद जब रीना ने परिवार से आठ हजार रुपये मांगे। इस दौरान अस्पताल की नर्स सीतल ने ललिता और उसके परिजनों से बात की, तो पूरा मामला सामने आया। नर्स ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने रीना को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी।
पुलिस का बयान
सोमवार रात रुपये लेकर डिलीवरी कराने का मामला सामने आया है। इसके बारे में अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है। अस्पताल में गर्भवती से संबंधित सभी सुविधाएं निशुल्क हैं। लोगों से अपील है कि वह किसी के झांसे में न आएं। -डॉ. विकास गोयल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी