अस्थायी समाधान के भरोसे व्यवस्था, गेट बंद करने से लोगों को करना पड़ेगा परेशानी का सामना
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले में मानसून की बारिश कभी भी दस्तक दे सकती है लेकिन जलभराव रोकने के इंतजाम अभी पूरे नहीं हो पाए हैं। ओल्ड फरीदाबाद, मेवला महाराजपुर और एनएचपीसी अंडरपास से गुजरने वाले राहगीरों को इस बार भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन की तरफ से अंडरपास पर गेट लगाने व गार्ड और पंप सेट के इंतजाम कर लिए गए हैं लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अभी जीर्णोद्धार कागजी प्रक्रिया में अटका है।
प्रशासन की ओर से इस बार जलभराव से निपटने और हादसों को रोकने के लिए कुछ तात्कालिक इंतजाम किए गए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ओल्ड फरीदाबाद, मेवला महाराजपुर और एनएचपीसी अंडरपास में लोहे के बैरिकेडिंग गेट लगा दिए गए हैं। मेवला महाराजपुर में नया गेट लगाया गया है। इसके साथ ही भारी बारिश के दौरान पानी को खींचने के लिए हैवी-ड्यूटी पंपों की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और वहां गार्ड्स की तैनाती का शेड्यूल तय हो चुका है।
जीर्णोद्धार की फाइलें तैयार, लेकिन जमीन पर काम शून्य
अगर स्थायी समाधान की बात करें तो हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से इन तीनों मुख्य अंडरपास के कायाकल्प और जीर्णोद्धार की एक विस्तृत योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह बदलने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का खाका तो खींचा गया है लेकिन हकीकत यह है कि यह योजना अभी सिर्फ कागजों और फाइलों तक ही सीमित है। जमीनी स्तर पर अभी तक इसके जीर्णोद्धार का कोई काम शुरू नहीं हो पाया है।
गेट बंद हुए तो शहर होगा जाम, फ्लाईओवर झेलेंगे अतिरिक्त दबाव
प्रशासन का गेट बंद करने का यह सुरक्षात्मक फॉर्मूला स्थानीय जनता के लिए बड़ी मुसीबत बनने वाला है। जैसे ही बारिश के कारण अंडरपास के गेट बंद होंगे नेशनल हाईवे के पूर्व और पश्चिम दिशा को जोड़ने वाला संपर्क पूरी तरह कट जाएगा। इसके बाद पूरा ट्रैफिक डायवर्ट होकर नजदीकी फ्लाईओवर (जैसे बाटा फ्लाईओवर या नीलम फ्लाईओवर) की तरफ भागेगा। नतीजा यह होगा कि इन फ्लाइओवरों पर अचानक गाड़ियों का दबाव कई गुना बढ़ जाएगा, जिससे पूरे शहर में रेंगते ट्रैफिक और भीषण जाम की स्थिति पैदा होना तय है। जो सफर मिनटों में तय होता है उसके लिए घंटों की मशक्कत करनी पड़ेगी।
कई बार हो चुके हैं हादसे
फरीदाबाद के अंडरपास में जलभराव केवल ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं है बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो चुका है। साल 2024 सितंबर में भारी बारिश के दौरान ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में एक एक्सयूवी गाड़ी गहरे पानी में डूब गई थी। इस दर्दनाक हादसे में बैंक के एक मैनेजर और कैशियर की दम घुटने और डूबने से मौत हो गई थी। वहीं मेवला महाराजपुर अंडरपास में भी हर साल पानी में ऑटो और दोपहिया वाहनों के डूबने की घटनाएं आम हैं। कई बार स्थानीय युवकों ने समय रहते पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है वरना बड़ा हादसा हो सकता था। भारी बारिश के दौरान एनएचपीसी अंडरपास में सवारियों से भरी बस और एम्बुलेंस तक के फंसने की तस्वीरें सामने आ चुकी हैं जिससे मरीजों और आम यात्रियों की जान आफत में पड़ गई थी।
लोगों को अधिक बारिश में किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए कई काम किए गए हैं। पानी निकासी की व्यवस्था भी मजबूत है। - संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता एचएसवीपी
ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास की फाइल फोटो ।
ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास की फाइल फोटो ।