फरीदाबाद। बंधवाड़ी स्थित ठोस कचरा निस्तारण प्लांट से निकलने वाला गंदा पानी (लीचेट) को पीने से अरावली के बसे जंगली जानवर भी मरने लगे हैं। बरसात के बाद लीचेट ओवरफ्लो होकर पहाड़ बने गड्ढों में भर गया है, जिसे पीकर एक गीदड़ की मौत हो गई। मंगलवार को पहाड़ में घूमने निकले पर्यावरण प्रेमियों को गीदड़ का शव पड़ा दिखा। उन्होंने इसकी शिकायत नगर निगम व वन विभाग के अधिकारियों को भेजी है। हालांकि, नगर निगम अधिकारी इससे अपना पल्ला झाड़ने में लगे हुए हैं।
बंधवाड़ी स्थित ठोस कचरा निस्तारण प्लांट में रोजाना फरीदाबाद व गुरुग्राम का करीब 15 सौ टन कूड़ा डंप होता है। पिछले कई सालों से कूड़ा डंप होने के कारण वहां कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है। इस दौरान बरसात का पानी कूड़े से रिसता हुआ, जब जमीन में पहुंचता है तो वह लीचेट बन जाता है। बंधवाड़ी में नगर निगम ने लीचेट की सफाई के प्लांट लगाया हुआ है, मगर काफी नहीं है। ऐसे में अब गंदा पानी ओवरफ्लो होने लगा है। बंधवाड़ी के साथ लगते मांगर गांव निवासी सुनील हरसाना ने बताया कि गंदा पानी ओवरफ्लो होकर पहाड़ मजें बने गड्ढों में भरने लगा है।
जंगली जानवर जब इसे पीते हैं तो उनकी हालत खराब हो जाती है। हरसाना के अनुसार मंगलवार को पहाड़ में घूमने के दौरान उन्होंने एक गड्ढे का पानी पीने से मरे गीदड़ का शव देखा। सुनील हरसाना ने बताया कि लीचेट में कई तरह के विषेले तत्व मिले होते हैं, जिससे भूजल स्तर पहले ही खराब हो रहा था। इस कारण बंधवाड़ी गांव व उसके आसपास के कई इलाकों का पानी पीने लायक नहीं रहा है।
कोट
लीचेट को साफ करने के लिए बंधवाड़ी में दो-दो आरओ प्लांट लगाए गए हैं। इसके अलावा वहां गंदे पानी को रिसने से रोकने के लिए टैंक बने हुए हैं। फिर भी यदि कहीं ऐसा हो रहा है तो इसको चेक करवाकर बंद करने का प्रयास किया जाएगा ताकि गंदा पानी प्लांट से बाहर न जा सके।
- दीपक किंगर, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम