फरीदाबाद। नवंबर में मेट्रो मोड़ से गुरुग्राम जाने वाली युवतियों को कार में लिफ्ट देकर सुनसान स्थान पर असलहे के बल पर दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी को क्राइम ब्रांच की टीम ने रविवार रात सारन के पास पकड़ लिया। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को चकमा देने के लिए कार पर अस्थाई नंबर लगाने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। आरोपी लूट की छह वारदात को अंजाम दे चुका है और उन मामलों में जेल जा चुका है।
पुलिस आयुक्त केके राव ने क्राइम ब्रांच की टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।
एसीपी अनिल कुमार ने सोमवार को सेक्टर-30 पुलिस लाइन स्थित अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू पुत्र मोमराज मूल रूप से पलवल के गांव लुलवाड़ी का रहने वाला है। वह यहां सेक्टर-23 में किराए पर रहकर टैक्सी चलाने का काम करता है। एसीपी ने बताया कि जितेंद्र ने कुछ दिन पहले ही एक पुरानी कार खरीदी थी। इस कार का रजिस्ट्रेशन नंबर आने के बाद भी आरोपी अस्थाई नंबर पर कार चला रहा था। इससे वह पुलिस की नजरों से बच रहा था। आरोपी को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच ने करीब 800 कारों की छानबीन की व करीब 300 लोगों की तस्वीरें पीड़िताओं को दिखाकर आरोपी की पहचान कराई। आरोपी शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं।
दो युवतियों को बनाया था अपना निशाना
एसीपी अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी ने 10 नवंबर को मेट्रो मोड़ से एक युवती को गुरुग्राम ले जाने के लिए बैठाया था। सैनिक कॉलोनी में सुनसान स्थान पर ले जाकर आरोपी ने पिस्तौल के बल पर युवती को अर्धनग्न कर उससे पहले छेड़छाड़ की और फिर दुष्कर्म का प्रयास किया। इस दौरान युवती ने जैसे तैसे कार से भागकर एक घर में छिपकर अपनी जान बचाई थी।
इसी तरह आरोपी ने 30 दिसंबर 2019 को डिलाइट गार्डन के पास से एक युवती को लिफ्ट देकर उससे भी सैनिक कॉलोनी में ही दुष्कर्म का प्रयास किया था। एक अन्य मामले में आरोपी ने मेट्रो मोड़ से युवती को कार में बैठाने का प्रयास किया था, लेकिन युवती ने जाने से इनकार कर दिया था। दोनों मामले में एनआईटी महिला थाने में शिकायत दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुटी थी। इसी दौरान सारन क्षेत्र में पुलिस ने आरोपी को अवैध पिस्टल के साथ पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि आरोपी लूट की छह वारदात को अंजाम दे चुका है और जेल जा चुका है। एक साल पहले ही वह जमानत पर बाहर आया था।
एसीपी क्राइम ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच के तेज तर्रार लोगों की एक टीम बनाई गई थी। इसका नेतृत्व एनआईटी बड़खल प्रभारी विमल कुमार कर रहे थे। सभी सादी वर्दी में इस पर काम कर रहे थे। सारन थाना क्षेत्र में क्राइम ब्रांच को सफलता मिली।
आत्महत्या कर चुकी है कार की पूर्व स्वामी
एसीपी ने बताया कि वारदात में प्रयुक्त कार बिल्कुल नई है। यह फरीदाबाद के ही एक महिला ने खरीदी थी। कार अभी उसी के नाम पर हैं। पुलिस छानबीन के दौरान कार स्वामी महिला के घर पहुंची तो पता चला कि करीब एक साल पहले महिला ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद परिवार के लोगों ने कार को बेच दिया था। कार महिला के नाम होने के बाद पुलिस की चिंता और बढ़ गई और तेजी से उसकी तलाश शुरू कर दी थी।