- जिले में हर साल जा रही सूदखोरों के कारण कम से कम एक जान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में सूदखोरों का मकड़जाल फैलता जा रहा है। शुक्रवार को सूदखोरों से परेशान एक ही परिवार के करीब 6 लोगों ने आत्महत्या की कोशिश की।
वर्तमान में निजी और सरकारी बैंक होम, बिजनेस, पढ़ाई और शादी-विवाह सहित अन्य लोन दे रहे हैं। जानकारों की मानें तो इनमें ब्याज भी कम होता है और सूदखोरों की भांति मानसिक रूप से प्रताड़ित भी नहीं किया जाता। जागरूकता का अभाव और कागजी कार्रवाई से पीछा छुड़ाने के लिए लोग सूदखोरों से ब्याज पर पैसे ले लेते हैं। नतीजतन कुछ समय के बाद ही सूदखोर घर के चक्कर काटने लगते हैं। गोयल परिवार के केस में भी ऐसा ही हुआ। अनिरूद्ध पर करीब 40 करोड़ का कर्ज था, परिवार को सूदखोर मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। सूदखोरों पर परिवार को डराने और धमकाने का भी आरोप हैए जिससे परेशान होकर पूरे परिवार ने आत्महत्या जैसे खौफनाक कदम को उठाया।
सूदखोरों के डर से आत्महत्या के मामलों पर एक नजर
साल 2023 में मंझावली में रहने वाला 52 वर्षीय भगत सिंह ने सूदखोरों की धमकियों से परेशान होकर नौकरी छोड़ दी। रकम चुकाने के बाद भी उन्हें परेशान कर रहे थे, ऐसे में भगत सिंह ने जहर खा लिया। 6 दिन बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
दिसंबर 2022 में एनआईटी के एक नंबर निवासी 55 वर्षीय राजकुमार ने अपने ऊपर तेल छिड़ककर खुद को आग लगा ली थी। उन्होंने 5 साल पहले सेक्टर-55 निवासी एक व्यक्ति से 15 लाख रुपये लिए थे।
साल 2018 में जीवन नगर गौंछी निवासी विनोद कुमार ने पारिवारिक कारणों से कर्ज लिया था। समय पर कर्ज नहीं चुकाने पर दो सूदखोरों ने विनोद कुमार के साथ मारपीट की और उन्हें डराया धमकाया। इससे तंग आकर जहरीला पदार्थ खा लिया।
साल 2018 में सारन क्षेत्र में सूदखोर के चंगुल में फंसे कपड़ा कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय ललित गौतम ने फंदा लगा लिया था। ऐसे कई मामले हैं जिनमें लोगों को ब्याज पर कर्ज लेने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है।