बीच-बचाव करने पर कुल्हाड़ी से काट डाला
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नूंह के बीसरू गांव का रहने वाला 25 वर्षीय वली मोहम्मद करीब चार साल बाद अपने मामा ताहिर के घर तिलपत गांव आया था। मौका था नए मकान के गृहप्रवेश का, जहां परिवार में जश्न और खुशियों का माहौल था। लेकिन महज एक छोटे से विवाद ने इस खुशी को ताउम्र न भूलने वाले मातम में बदल दिया। गांव के अखाड़े में बच्चों को कुश्ती के दांव-पेच सिखाने वाला दो बच्चों का पिता वली खुद एक हिंसक और खौफनाक हमले का शिकार हो गया।
वली मोहम्मद क्षेत्र में एक होनहार पहलवान के रूप में पहचाना जाता था। वह अपने गांव बीसरू में अखाड़ा चलाकर बच्चों को कुश्ती सिखाता था और आसपास के गांवों में होने वाले कुश्ती दंगलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था। इसके साथ ही वह परिवार के पालन-पोषण के लिए पार्ट टाइम बाउंसर के रूप में काम करता था। गृहप्रवेश के कार्यक्रम के दौरान पड़ोसी द्वारा बच्चे को बाइक से टक्कर मारने पर जब विवाद बढ़ा, तो वली अपने भाई तैय्यब के साथ केवल बीच-बचाव करने गया था। लेकिन हमलावरों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
जैसे लकड़ी काट रहे हों... कुल्हाड़ी से किए ताबड़तोड़ प्रहार
परिजनों ने रोते हुए बताया कि हमलावरों के सिर पर खून सवार था। उन्होंने वली पर पीछे से कुल्हाड़ी से इस तरह बेरहमी से वार किए, मानो कोई लकड़ी काट रहा हो। कुल्हाड़ी के सीधे वार से उसकी कमर में करीब 3 से 4 इंच गहरा घाव हो गया। इसके बाद आरोपियों ने सिर पर लोहे की रॉड और ईंटों से ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे वली ने तड़प-तड़पकर मौके पर ही दम तोड़ दिया। हमले में उसका भाई तैय्यब भी बुरी तरह घायल हो गया।
सबूत मिटाने के लिए समरसिबल चलाकर धोया खून
वारदात के बाद आरोपियों की दरिंदगी और चालाकी यहीं खत्म नहीं हुई। परिजनों का आरोप है कि वली की हत्या करने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से तुरंत समरसिबल चला दिया। झाड़ू और पानी की मदद से सड़क पर फैले खून को बहाकर साफ करने का प्रयास किया गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पल्ला थाना पुलिस ने 24 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस दर्दनाक वारदात ने हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है।