विकास चौधरी हत्याकांड में उसके ही निजी सुरक्षाकर्मी प्रदीप धारीवाल के शामिल होने से चौधरी परिवार स्तब्ध है। विकास चौधरी, प्रदीप को अपने छोटे भाई की तरह मानता था। उसकी बहन की शादी में विकास ने हर संभव मदद की थी।
करीब पांच साल पहले प्रदीप की चार साल की बेटी की मौत हो गई थी। उस दौरान विकास चौधरी पूरी रात अस्पताल में प्रदीप के साथ रहा था। इतना अपनापन होने के बावजूद प्रदीप कैसे उसकी मौत की साजिश रच सकता है, यह सोचकर हर कोई हैरान है।
विकास चौधरी के छोटे भाई गौरव ने बताया कि प्रदीप करीब 20 साल से उनके भाई के संपर्क में आया था। तभी से वह विकास के साथ साए की तरह रहता था। विकास भी उसे अपने छोटे भाई की तरह मानने लगा था। यही वजह थी कि प्रदीप को विकास की हर छोटी बड़ी गतिविधियों के बारे में जानकारी थी।
प्रदीप की बहन की शादी में विकास ने उसकी आर्थिक मदद की थी। इसके अलावा प्रदीप ने विकास से जो मांग की, वह पूरी हुई। करीब पांच साल पहले प्रदीप की बेटी की चार साल की बेटी की तबीयत खराब हो गई थी। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उस पूरी रात विकास चौधरी उसके साथ अस्पताल में रहे। उपचार के दौरान प्रदीप की बेटी की मौत हो गई थी।
गौरव चौधरी ने बताया कि उनके भाई में हर किसी को अपना बनाने का गुण था। वह अपने पास काम करने वाले लड़कों को भी कभी नौकर की तरफ नहीं मानता था। हर किसी के साथ अपनेपन में रहता था। पता नहीं किस लालच में प्रदीप ने विकास की हत्या का षड्यंत्र रचा, यह तो वह ही बता सकता है।
विकास चौधरी की हत्या में बृहस्पतिवार को पुलिस ने उसके निजी सुरक्षाकर्मी प्रदीप धारीवाल को भी गिरफ्तार किया था। प्रदीप ने ही हवलदार राजकुमार को विकास चौधरी का नंबर और अन्य जानकारियां दी थीं।