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मातृत्व अवकाश प्रकरण में विजिलेंस ने मांगा तीन वर्ष का रिकॉर्ड

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मातृत्व अवकाश प्रकरण में विजिलेंस ने मांगा तीन वर्ष का रिकॉर्ड
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फरीदाबाद। सेक्टर-16 स्थित ईएसआईसी के फरीदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय में मातृत्व अवकाश के नाम पर हुए घोटाले मामले में दिल्ली मुख्यालय की विजिलेंस टीम ने तीन साल का रिकॉर्ड विभाग से तलब किया है, जिससे की मामले की गंभीरता से जांच हो सके।
इसे विभाग ने विजिलेंस को सौंप दिया है। सूत्रों की माने तो इस मामले में कई बड़े अधिकारियों के नाम का भी खुलासा हो सकता है। पिछले दिनों ईएसआईसी (इंप्लाई स्टेट इंश्योरेंश कार्पोरेशन) की ऑडिट में खुलासा हुआ था कि कई ऐसी महिलाएं हैं, जिनकी एक साल में चार से ज्यादा बार डिलीवरी हुई।
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मातृत्व अवकाश के नाम पर इन महिलाओं ने ईएसआईसी से करोड़ों रुपये का लाभ भी लिया। इस मामले में ठेकेदार और विभाग अधिकारियों की मिलीभगत बताई जा रही है। ईएसआई के एक अधिकारी ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि निजी क्षेत्र में कार्यरत कुछ महिलाओं ने कार्पोरेशन की इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए खुद को एक साल में चार-चार बार गर्भवती दिखाया।
कुछ महिलाओं ने इससे अधिक बार दिखाकर मातृत्व अवकाश का लाभ लिया। उन्होंने कहा कि विभाग अधिकारियों की मिलीभगत से यह सारा खेल चल रहा था। मामला खुलने के बाद इस मामले की जांच सीबीआई और ईएसआईसी के दिल्ली मुख्यालय की विजिलेंस को सौंपी गई है। विजिलेंस टीम ने तीन साल का रिकॉर्ड तलब किया है। ताकि हर दस्तावेज की बारीकी से जांच हो सके।
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शुरुआत में मामले से जुड़े दस्तावेज को जांच एजेंसियों को सौंपा गया था। अब दिल्ली मुख्यालय की विजिलेंस टीम ने तीन साल का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। इसे ईएसआई द्वारा सौंप दिया गया है। जल्द ही मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी जाएगी।
- डीके मिश्रा, आयुक्त, क्षत्रिय कार्यालय ईएसआईसी फरीदाबाद।
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