Vigilance engaged in connecting links of 50 crore scam, sent SE and clerk to jail
फरीदाबाद। हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो (विजिलेंस) ने नगर निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) रवि शर्मा व क्लर्क रवि शंकर शर्मा की बृहस्पतिवार को एक दिन का रिमांड पूरा होने पर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, क्लर्क के बयान पर विजिलेंस की टीम ने अकाउंट ब्रांच के दोनों बड़े अधिकारियों को तलब कर कई घंटे तक पूछताछ की है। इसमें कई अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम भी उजागर होने की संभावना हैं। वहीं, 50 करोड़ के घोटाले की भी कड़ियों को जोड़ने में ब्यूरो लगा है।
नगर निगम में विकास कार्यों में हुए 50 करोड़ के घोटाले की जांच विजिलेंस भी कर रही है। अब एसई और क्लर्क की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस पुराने मामले में दोनों से पूछताछ कर जोड़ने में लगी है। बता दें कि निगम के पार्षद दीपक चौधरी, महेंद्र सरपंच, सुरेंद्र अग्रवाल ने नगर निगम के वित्त शाखा से साल 2017 से 2019 तक विकास कार्यों का ब्योरा मांगा था। जिसमें पूछा था कि किस फंड से किस ठेकेदार को कितनी पेमेंट हुई। अकाउंट ब्रांच ने पार्षद को रिपोर्ट दे दी। जिसमें कागजी कार्य दिखाकर करीब 50 करोड़ रुपये का बंदरबांट हुआ। इसकी जांच सरकार ने विजिलेंस को हुई है।
सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार को अकाउंट शाखा के दो बड़े अधिकारियों को विजिलेंस अपने कार्यालय में तलब किया। दोनों से पूछताछ की गई। हालांकि विजिलेंस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार का कहना है कि इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारियों को नोटिस जारी कर बुलाया गया था लेकिन नहीं आ पाए। जिनको बुलाने की जरूरत होगी, उन्हें नोटिस भेजकर पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के अनुसार पुराने बिलों की जांच की जा रही है। जिससे फर्जीवाडे को पकड़ा का जा सके। बिल पास कराने के बदले ठेकेदारों से चार से सात फीसदी तक कमीशन मांगे जाने की बात सामने आई हैं।