गड्ढों से बचने के लिए अचानक बदलनी पड़ती है दिशा, हादसे की रहती है आशंका
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाले रेलवे पुलों की जर्जर सड़कों ने वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। बल्लभगढ़-सोहना, बाटा, नीलम और बड़खल रेलवे पुलों की सड़कों पर जगह-जगह छोटे-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। इनसे गुजरते समय वाहनों को तेज झटके लगते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई है। इन सभी पुलों से प्रतिदिन पांच लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद सड़कों की नियमित निगरानी और मरम्मत को लेकर जिम्मेदार विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। वाहन चालकों को गड्ढों से बचने के लिए अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे दूसरे वाहनों से टकराने का खतरा बढ़ जाता है।
नीलम रेलवे पुल की सड़क की मरम्मत पर कुछ समय पहले करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। मरम्मत को अभी लगभग एक वर्ष ही हुआ है, लेकिन सड़क दोबारा टूटने लगी है। वहीं, बाटा रेलवे पुल की सड़क पर करीब 60 लाख रुपये खर्च किए जाने के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। बल्लभगढ़-सोहना और बड़खल रेलवे पुल की सड़कें भी लंबे समय से खराब हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर समय रहते मरम्मत करानी चाहिए।