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कोरोनाकाल में छूटे बच्चों को लगेंगे टीके, स्वास्थ्य सेवा निदेशक ने अधिकारियों को सूची तैयार करने के दिए निर्देश

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फरीदाबाद। कोरोना काल में जन्मे बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जाहिर की है। इसके लिए स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. रणदीप पुनिया ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान निर्देश दिए गए कि कोरोनाकाल में जन्मे बच्चों की सूची तैयार की जाए।
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इंद्रधनुष योजना के तहत घर-घर जाकर ऐसे बच्चों को टीके लगाए जाएं। स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों की मदद से डाटा तैयार करने में जुट गया है। इसके लिए अभियान चलाकर बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। इसमें दो साल तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा। डॉ. रणदीप पुनिया ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान इंद्रधनुष योजना के तहत टीकाकरण भी प्रभावित रहा। हालांकि, कई अभिभावकों ने बाद में अपने बच्चों का टीकाकरण कराया। वहीं, विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक कई नौनिहाल टीकाकरण से वंचित है। विभाग ऐसे बच्चों को इंद्रधनुष अभियान के तहत शामिल करने के लिए जुट गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अब सभी बच्चों का टीकाकरण करने के लिए कार्यक्रम तैयार किया है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लॉकडाउन के दौरान निजी व सरकारी केंद्रों व घर में जन्में बच्चों की सूची तैयार करने में जुटेगा। बच्चों की सूची तैयार कर टीकाकरण और गैर टीकाकरण की पहचान की जाएगी।
बच्चों को लगते हैं ये टीके
इंद्रधनुष के तहत बच्चों को बीसीजी, हेपेटाइटिस, ओपीवी (पोलियो की ओरल ड्रॉप) और आईपीवी (पोलियो संबंधित टीकाकरण) डिप्थीरिया, टिटनेस व काली खांस के लिए डीटीपी, हीमोफिलस इंफ्लुएंजा-बी, रोटावायरस, टाइफाइड, एमएमआर, हेपेटाइटिस-ए, न्यूमोकोकल, चिकनपॉक्स के टीके लगाए जाते हैं।
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फरीदाबाद-पलवल में मिशन इंद्रधनुष की समीक्षा बैठक ली। इसका उद्देश्य योजनाबद्ध तरीके से दो वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण करना है। निदेशालय स्तर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पूर्व में संचालित टीकाकरण अभियान के तहत कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न हो।
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- डॉ. रणदीप सिंह पूनिया, निदेशक (स्वास्थ्य सेवा)
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