फरीदाबाद। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन की आवश्यकता को देखते हुए जिले में एक बार फिर स्वदेशी वैक्सीन का ट्रायल होने जा रहा है। इसके लिए स्टाफ का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है और स्क्रीनिंग आज से शुरू हो जाएगी। वैक्सीन की खेप मेडिकल कॉलेज में पहुंच चुकी है। प्रबंधन का मानना है कि सोमवार से पहले ट्रायल शुरू कर लिया जाएगा। खास बात है कि इस वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के लिए पूरे देश में कुछ ही संस्थानों में ट्रायल निर्धारित किया गया है। इसमें से ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एक है। वहीं, ट्रायल में हिस्सा लेने वालों को प्लेसिबो (प्रायोगिक औषधि) नहीं दिया जाएगा। सभी को वास्तविक वैक्सीन की ही डोज दी जाएगी। जुलाई तक दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल पूरा होने की उम्मीद है।
तीन स्वदेशी वैक्सीन का ट्रायल करने की तैयारी
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में कोवाक्सिन और स्पूतनिक-वी वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल हुआ था। अब तीन और वैक्सीन का ट्रायल यहां होना है। खास बात है कि आने वाले समय में तीनों स्वदेशी वैक्सीन का परीक्षण किया जाएगा। इसमें सबसे पहले हैदराबाद आधारित वैक्सीन निर्माता बायो लॉजिकल-ई और बेलोर मेडिसिन कॉलेज (टेक्सेस) की ओर से बनाई गई है। इस वैक्सीन के पहले दो चरण का ट्रायल पूरा कर लिया गया था। हालांकि वैक्सीन में कुछ और घटक शामिल कर इसके प्रभाव को बढ़ाने की दावा किया गया। इसके बाद इस वैक्सीन के दूसरे फेज का ट्रायल कुछ लोगों पर फिर से किया जाएगा। इसके लिए पूरे देश में चार केंद्र निर्धारित किए गए हैं। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज इसमें से एक है। इसके बाद अन्य दो स्वदेशी वैक्सीन का ट्रायल किया जाना है।
1268 लोगों पर परखी जाएगी बायोलॉजिकल-ई निर्मित वैक्सीन
इंडीजिनस (स्वदेशी) वैक्सीन बायो लॉजिकल-ई की कुल 30 करोड़ डोज का उत्पादन करना है। इससे पूर्व जुलाई तक इसके अंतिम परीक्षण परिणाम जारी करने होंगे। फेज-2 के ट्रायल में ईएसआईसी सहित देश के अन्य तीन केंद्रों पर 168 लोगों में वैक्सीन का परीक्षण किया जाएगा। वहीं, तीसरे चरण के ट्रायल में 1100 लोगों को शामिल किया जाएगा। यह परीक्षण ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज सहित दिल्ली स्थित जीबी पंत अस्पताल व देश के अन्य 13 केंद्रों पर किया जाएगा।
कोरोना का प्रभाव लोगों पर कम से कम हो इसके लिए जरूरी है कि सभी का टीकाकरण हो। टीके की कमी के कारण वैक्सीनेशन प्रभावित न हो, इसका सरकार पूरा ध्यान रख रही है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में बायो लॉजिकल-ई और बेलो रमेडिसिन कॉलेज (टेक्सेस, यूएसए) की निर्मित कोर्विवैक्स का ट्रायल होना है। इसके लिए लोगों की स्क्रीनिंग शुरू की जा रही है। शनिवार तक ट्रायल शुरू हो जाएगा।
- डॉ. एके पांडेय, डिप्टी डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज