फरीदाबाद। टीकाकरण को गति मिले एक दिन नहीं गुजरा कि जिले में एक बार फिर वैक्सीन का टोटा पड़ गया। शनिवार को ज्यादातर केंद्रों पर वैक्सीन खत्म हो गई, ऐसे में धूप में खड़े होकर कई घंटे टीके का इंतजार करने वाले लोगों को एक बार फिर परेशानी झेलने के बावजूद बिना टीकाकरण के ही घर लौटना पड़ा। टीके की कमी के कारण शनिवार को कुल 15 सरकारी केंद्रों पर ही वैक्सीनेशन हो सका। कुल 5747 लोगों ने टीकाकरण कराया। इसमें से 2899 लोगों का टीकाकरण निजी केंद्रों पर हुआ।
इस सप्ताह लगातार वैक्सीन की कमी देखने को मिली। इस कारण लोगों को बदइंतजामी और सरकारी स्तर पर वैक्सीन की अनुपलब्धता के कारण टीकाकरण केंद्रों पर धक्के खाने पड़ रहे हैं। कम खेप होने के कारण शनिवार को ज्यादातर केंद्रों पर टीके की कमी देखने को मिली, इस कारण लोगों को बिना वैक्सीनेशन ही लौटा दिया गया। हालांकि बुजुर्गों को टीकाकरण में प्राथमिकता दी गई। इससे उन्हें वरीयता से टीकाकरण का लाभ मिला। इस सप्ताह रविवार, सोमवार व मंगलवार को सीमित केंद्रों पर टीकाकरण हुआ। बुधवार व बृहस्पतिवार को किसी सरकारी केंद्र पर लोगों को टीका नहीं लगा। वैक्सीन की थोड़ी बहुत खेप पहुंचने के बाद शुक्रवार को सभी 47 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण के सेशन आयोजित किए गए थे। शनिवार को छोटे केंद्रों पर महज 100 से 200 लोगों की टीकाकरण हो सका।
बीके अस्पताल में उमड़े लोग
टीकाकरण से पूर्व कोविड जांच अनिवार्य है। ऐसे में टीकाकरण केंद्रों पर जांच व वैक्सीनेशन सेंटर दोनों ही जगह लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। शनिवार को सिविल अस्पताल के दोनों केंद्रों पर भारी तादाद में भीड़ उमड़ी बावजूद इसके लोगों को बिना टीकाकरण ही निराश लौटना पड़ा।
वर्जन-
टीकाकरण के लिए काफी लंबी लाइन लगानी पड़ी रही है। कंपनी से छुट्टी कर टीकाकरण के लिए पहुंचे हैं। पहले कोविड जांच के लिए लाइन लगानी पड़ रही है फिर टीकाकारण के लिए लाइन लगाई। काफी परेशानी है।- हर्ष त्यागी
टीकाकरण के लिए काफी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। पहली बार टीकाकरण के लिए आए ऐसी परेशानी के कारण टीकाकरण का उत्साह नहीं रहा। - प्रिंस पासवान
वैक्सीन की उपलब्धता के अनुसार ही टीका लगाया जा रहा है। सभी केंद्रों पर वैक्सीन की डोज इसके अनुसार ही दी जा रही है। वैक्सीन ज्यादा मिलने पर अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। - डॉ. राजेश श्योकंद, टीकाकरण नोडल