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टीबी मरीजों को सरकार के 500 रुपये में नहीं मिल रहा पोषाहार

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फरीदाबाद। महंगाई की मार के कारण आमजन सिर्फ पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दामों में इजाफे से परेशान नहीं है। इसकी मार उन मरीजों पर भी पड़ी है महंगे दामों पर पोषाहार खरीद कर नहीं खा पा रहे। अब वह कुपोषण और टीबी से एक साथ जूझ रहे हैं। टीबी मरीजों को पोषाहार के लिए 500 रुपये मासिक का आर्थिक लाभ ऐसे मरीजों को नाकाफी लग रहा है।
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प्रदेश के सर्वाधिक टीबी मरीज जिले में ही हैं। हर वर्ष औसतन करीब छह हजार मरीज जिले में ट्रेस किए जा रहे हैं। मौजूदा वर्ष में 2000 से अधिक मामले मिल चुके हैं। हालांकि यह औसतन मामलों से बेहद कम आंकड़ा है, ऐसे में 12 जुलाई से 27 तारीख तक घर-घर जाकर टीबी मरीजों की पहचान के लिए एक्टिव केस फाइडिंग सर्वे किया जाएगा। लॉकडाउन के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मरीजों को नियमित दवाएं देने के लिए डोर-टू-डोर सर्विस दी गई। इससे काफी मदद मिली लेकिन आर्थिक मार अब एक बार फिर टीबी मरीजों की जान पर आफत बन रही है।
‘500 रुपये एक सप्ताह में हो रहे खर्च’
बीके सिविल अस्पताल में भर्ती 30 वर्षीय एक मरीज ने बताया कि उसके परिवार में पांच लोग हैं। तीन लोग कोरोना काल में गांव लौट गए। वह पत्नी के साथ जिले में ही रहा। इस बीच टीबी हुआ, मासिक 500 रुपये सीधे बैंक में मिले। इससे डॉक्टरों ने पोषाहार खाने की हिदायत दी। कोरोना में महंगाई बढ़ी तो एक सप्ताह में ही सारे रुपये खर्च हो गए। इसमें केवल सब्जी और फल खरीदे जा सके। दूध-दाल व अन्य चीजें खाने के लिए पैसे ही नहीं बचे। अब बीते चार दिन से वह अस्पताल में भर्ती है। पोषाहार की कमी के कारण शरीर में कमजोरी आ गई है। मरीज पर टीबी पहले से ज्यादा हावी हो गया है। इसी तरह एक अन्य मरीज ने टीबी से न उभरने का कारण बढ़ती महंगाई को बताया।
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अब तक रही राहत, आगे बढ़ सकती है परेशानी
वर्ष 2019 के दौरान जिले में टीबी के 7962 नए मरीज मिले थे, जबकि बीते वर्ष 2020 में कोविड काल के समय 6846 टीबी मरीज मिले थे। वहीं, टीबी मरीजों के मौत के आंकड़ों में फिर गिरावट आई है। वहीं, वर्ष 2019 में 48 टीबी मरीजों की मौत हुई थी। कोविड काल में वर्ष 2020 में केवल 36 टीबी मरीजों की मौत दर्ज की गई थी। पिछले तीन सालों की तुलना करें तो साल 2020 में सबसे कम टीबी मरीज मिले। इस वर्ष अब तक करीब दो हजार मामले मिले हैं।
पिछले कुछ सालों में मिले टीबी मरीज
साल मरीज
2021 2002 अभी तक
2020 6846
2019 7962
2018 7997
2017 5312
2016 5295
19 केंद्रों पर होती है टीबी जांच
जिले में टीबी को कंट्रोल करने के लिए नौ टीबी यूनिट हैं। यह यूनिट बीके अस्पताल, बल्लभगढ़ अस्पताल, सेक्टर-30, खेड़ी, पल्ला, पाली, मोहना, तिगांव व डबुआ में चल रहे स्वास्थ्य केंद्रों पर बने हैं। इन केंद्रों ट्रीटमेंट सुपरवाइजर नियुक्त है। टीबी की मुफ्त दवा देने के लिए 225 डॉट सेंटर बने हुए हैं।
वर्जन-
सामाजिक संस्थाओं की मदद से ज्यादा जरूरतमंद लोगों की मदद विभाग की ओर से की जाती है। यदि कुछ लोग टीबी या किसी अन्य बीमारी के कारण आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो उनकी मदद भी की जाएगी। टीबी विभाग के मरीज नोडल अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं। - डॉ. रणदीप सिंह पुनिया, सीएमओ
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