परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-20बी स्थित निजी अस्पताल में मंगलवार को महिला की मौत के बाद इलाज और बिल को लेकर विवाद हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने और मरीज की गंभीर हालत की जानकारी समय पर नहीं देने का आरोप लगाते हुए करीब एक घंटे तक हंगामा किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसजीएम नगर निवासी हेमलता को पित्त की थैली में पथरी की शिकायत के बाद 21 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने महिला का ऑपरेशन किया। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद कई दिनों तक उन्हें महिला से मिलने नहीं दिया गया। डॉक्टरों की ओर से मरीज के बेहोश होने और जल्द होश में आने की बात कही जाती रही। परिजनों का दावा है कि उन्हें महिला की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं दी गई। महिला के पति और जेठ राजपाल चौधरी ने दावा किया कि इलाज के दौरान करीब 20 से 25 लाख रुपये जमा कराए गए। परिजनों के अनुसार जब उन्होंने महिला को बेहतर उपचार के लिए एम्स ले जाने की बात कही तो करीब दस मिनट बाद अस्पताल की ओर से उसकी मौत की जानकारी दी गई। उन्होंने वेंटिलेटर समेत अन्य उपकरण हटाने और सुरक्षा कर्मचारियों की ओर से धक्का-मुक्की व मारपीट करने का भी आरोप लगाया। परिजनों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम कराने की मांग की। महिला के तीन बच्चे हैं।
अस्पताल ने आरोपों से किया इन्कार
अस्पताल प्रबंधन की ओर से दिव्यांश ने बताया कि महिला की सर्जरी के दौरान ही मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों को मरीज को देखने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि करीब 10 से 15 लाख रुपये के बिल को माफ करवाने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।