टीकाकरण के बाद को-विन पोर्टल पर करना होगा अपडेट
फरीदाबाद। कोरोना रोधी टीके की पहले दौर का वैक्सीनेशन 16 जनवरी से शुरू हो जाएगा। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाएगा। जिले में को -विन पोर्टल पर स्वास्थ्य कर्मियों का डाटा अपडेट किया जा चुका है। इसमें पैरा मेडिकल स्टाफ, डॉक्टर, नर्स सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। एक व्यक्ति को टीकाकरण के बाद को-विन पोर्टल पर अपडेट करना होगा।
बुधवार को जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की निदेशालय अधिकारियों संग वीडियो कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें प्रत्येक कोविड रोधी वैक्सीन के टीकाकरण के बाद रियल टाइम जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए गए। वहीं, वैक्सीनेशन संबंधी साइड इफेक्ट पर भी गंभीरता बरतने के निर्देश हैं, हालांकि अभी तक वैक्सीन के कोई साइडइफेक्ट(प्रतिकूल) प्रभाव देखने को नहीं मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोरोना टीकाकरण की सभी तैयारियों को पूरा कर ली हैं। जल्द ही कोरोना वैक्सीन भी जिले में पहुंच सकती है। उम्मीद है कि बृहस्पतिवार को जिले में वैक्सीन पहुंच जाए। जिले में 45 केंद्रों पर टीका लगाया जाएगा। टीकाकरण की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूद पंजीकृत लोगों की सूची से टीकाकरण के लिए पहुंचने वाले लाभार्थी के नाम का मिलान किया जाएगा। इसके बाद लाभार्थी के नाम के साथ को-विन एप अपडेट किया जाएगा। इसके बाद लाभार्थी को वैक्सीन लगाई जाएगी। संबंधित व्यक्ति पर 30 मिनट तक निगरानी रखी जाएगी। इस दौरान यदि वैक्सीन लगने के साइड इफेक्ट नहीं दिखाई देते हैं, तो उसे जाने की अनुमति दी जाएगी। यदि साइड इफेक्ट दिखाई देते हैं, तो उसे भर्ती करके इलाज किया जाएगा। इस संबंध में लिखित आदेश मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी हो चुके हैं।
अभी तक नहीं दिखा साइड इफेक्ट
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप पुनिया ने बताया कि ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कोवैक्सीन के अलावा कोरोना स्पुतनिक वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। इसमें 1200 से अधिक लोगों को शामिल किया जा चुका है। अभी तक किसी में साइट इफेक्ट की जानकारी नहीं मिली है। ट्रायल को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारी आश्वस्त हैं कि अभियान के दौरान भी किसी को कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा। पहले फेज में कोरोना रोधी वैक्सीनेशन स्वास्थ्य कर्मियों को ही लगाए जाएंगे। ऐसे में टेंशन मुक्त रहने की जरूरत है। अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वैक्सीनेशन के दौरान किसी भी समस्या की तत्काल जानकारी दें। संबंधित व्यक्ति का पूरा डाटा पहले ही पोर्टल पर अपेडट हो चुका है। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सख्ती से निर्देशों की पालना की जाएगी।