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Faridabad News: प्रतापगढ़ में कूड़ा प्लांट के विरोध में केंद्रीय राज्यमंत्री की गाड़ी रोकी

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स्थानीय लोगों ने कृष्णपाल गुर्जर को सौंपा ज्ञापन
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। प्रतापगढ़ में प्रतिदिन 600 टन क्षमता का कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने की योजना का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को प्रतापगढ़ और आसपास की कॉलोनियों व सेक्टरों के लोग केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से मिलने उनके सेक्टर-28 स्थित कार्यालय पहुंचे। लोगों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर प्लांट लगाने की योजना रद्द करने की मांग की। इस दौरान कुछ महिलाओं ने केंद्रीय राज्यमंत्री की गाड़ी के सामने आकर उसे रोकने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने महिलाओं को हिरासत में ले लिया। बाद में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
नगर निगम पार्षद मुकेश डागर के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से कहा कि आबादी के नजदीक कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने से आसपास के वातावरण और लोगों के जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी सूरत में प्रतापगढ़ में प्लांट स्थापित नहीं होने देंगे। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने लोगों को आश्वस्त किया कि कूड़े के निस्तारण के लिए कलेक्शन प्वाइंट पर ही व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक कूड़ा कलेक्शन प्वाइंट पर प्रतिदिन 100 टन कूड़े के निस्तारण की क्षमता वाले प्लांट लगाने की योजना है। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर के बाद प्रतापगढ़ में केवल एनआईटी विधानसभा क्षेत्र का कूड़ा जाएगा। तीन महीने में वहां जमा कूड़े के पहाड़ को खत्म करने का लक्ष्य है। इसके बाद जब केंद्रीय राज्यमंत्री वहां से अपनी गाड़ी में सवार होकर जाने लगे तो कुछ महिला-पुरुष लिखित में आश्वासन मांगने के लिए उनकी गाड़ी के सामने आ गए। गाड़ी रुकते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने विरोध कर रहे महिला-पुरुषों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें थाने ले जाया गया।
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लोगों को हिरासत में लेने का पता चलने पर पहुंचे पूर्व विधायक नीरज शर्मा
लोगों से सूचना मिलने पर पूर्व विधायक नीरज शर्मा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सेक्टर-31 थाना पहुंचकर लोगों को हिरासत में लेने का विरोध जताया। उनका कहना था कि पूरे शहर का कूड़ा एनआईटी-86 क्षेत्र में डाला जा रहा है, जिससे आसपास के गांवों और कॉलोनियों के लोग बदबू, गंदगी और बीमारियों के खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं। कूड़े की समस्या को लेकर अपनी बात रखने पहुंचे लोगों के साथ उचित व्यवहार करने के बजाय उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्थानीय विधायक सतीश फागना के रवैये पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अपने गांव में कूड़ा नहीं डालने देने की बात करने वाले जनप्रतिनिधि उस विधानसभा क्षेत्र में कूड़ा डलवाने का विरोध नहीं कर रहे, जहां से उन्हें जनता ने चुना है।
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