मामा व दो भांजे मजदूरी करने के बाद पैदल एक्सप्रेस वे से घर जा रहे थे
समय पर अगर एंबुलेंस मिल जाती तो मामा की जान बच सकती थी
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। कुंडली गाजियाबाद पलवल एक्सप्रेस वे पर तेज रफ्तार गाड़ी ने मामा भांजे को टक्कर मार दी । टक्कर लगने से मामा की मौत हो गई जबकि भांजा गंभीर रूप से घायल हो गया। अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो 47 साल के मामा की जान बच सकती थी।दोनों नोएडा से मजदूरी करने के बाद ट्रक में बैठकर मोठूका टोल पर पहुंचे थे। थाना छायंसा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव मोठूका निवासी छोटू ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी का काम करता है। 3 जनवरी की दोपहर को उनका भाई सुंदर व मामा सतीश नोएडा से मेहनत मजदूरी करके किसी ट्रक में बैठकर अपने गांव मोठूका नंगला जा रहे थे। सभी छांयसा टोल के पास ट्रक से उतरकर पैदल चलने लगे। वह पीछे शौच करने के लिए रुक गए और उनका भाई सुंदर व मामा सतीश कुछ ही दूरी पर आगे पैदल जा रहे थे। तभी पीछे से तेज रफ्तार से आ रही गाड़ी ने भाई व मामा को टक्कर मार दी। उनका भाई सुंदर रोड के साथ लगती ग्रिल पर पड़ा हुआ था। वहीं मामा सतीश रोड के किनारे गिरे हुए थे। दोनों की उस समय सांस चल रही थी। उनका फोन भी सड़क हादसे में टूट गया था। एक किसान के फोन से घर पर घटना की सूचना दी। जब वह वापस आया तो उनके मामा सतीश की मौत हो गई। कुछ समय के बाद जीजा गाड़ी लेकर आए तो सुंदर को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया है। उसके बाद एम्बुलेंस मौके पर आ गई और मामा सतीश को बीके अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। छोटू का कहना है कि अगर उनको समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो उनके मामा सतीश की भी जान बच सकती थी। मूल रूप से राजपुरा पंजाब निवासी सतीश के चार बेटे हैं। वह कुछ दिन पहले गांव मोठूका अपनी बहन मुन्नी से मिलने के लिए आए थे।
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युवक सड़क हादसे में हुआ घायल
गांव डींग निवासी लक्ष्मण दास ने बताया कि एक जनवरी की रात को उनका बेटा अरुण मोटरसाइकिल पर सवार होकर ड्यूटी खत्म करने के बाद घर पर आ रहा था। तभी सेक्टर 65 साहू पूरा रोड के पास तेज रफ्तार से आ रही गाड़ी ने अरुण की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। पुलिस के जरिए उनको सूचना मिली कि उनके बेटे का एक्सीडेंट हो गया है। बीके अस्पताल के डॉक्टरों ने अरुण की हालत गंभीर होने के चलते दिल्ली के ट्रामा सेंटर में रेफर कर दिया, लेकिन अब उनका उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है।