महिलाओं को करना पड़ता है असहज स्थिति का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ट्रेनों में महिला यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए निर्धारित महिला कोचों में पुरुष यात्रियों का सफर करना आम होता जा रहा है। कई बार रेलवे प्रशासन की ओर से समझाने और कार्रवाई की चेतावनी देने के बावजूद पुरुष यात्री महिला कोच में बैठने से बाज नहीं आ रहे हैं। इससे महिला यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महिला यात्रियों का कहना है कि भीड़ के समय महिला कोच में पुरुषों के बैठ जाने से उन्हें खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है। कई बार असहज स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है, जिससे महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। सुबह और शाम के समय जब स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वाली महिलाओं की संख्या अधिक होती है, उस दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
रेलवे नियमों के अनुसार महिला कोच में केवल महिला यात्री और दिव्यांग यात्री ही सफर कर सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई पुरुष जानबूझकर इन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। महिलाओं का आरोप है कि जब वे इसका विरोध करती हैं तो कुछ पुरुष यात्री बहस करने लगते हैं, जिससे माहौल खराब होता है।
रेलवे प्रशासन की ओर से समय-समय पर महिला कोचों में चेकिंग अभियान चलाया जाता है और पकड़े जाने पर जुर्माना भी लगाया जाता है, लेकिन यह कार्रवाई सफल साबित नहीं हो रही है। यात्रियों का कहना है कि नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई की जरूरत है। महिला यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि महिला कोचों में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि उन्हें परेशानी न हो।