अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी की आबोहवा में पीएम-2.5 (पर्टिकुलर मैटर) और पीएम-10 के भी जहर घोल रहे हैं। साथ ही उद्योगों और वाहनों से निकलने वाली हानिकारक गैंसों की अधिकता आपके फेफड़ों को खराब कर रही है। शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 479 पहुंच गया। यह प्रदूषण की बेहद खतरनाक श्रेणी में आता है। जिससे अस्थमा, आंखों में जलन और श्वांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नेत्र रोग ओपीडी 500 पहुंच गई है। वहीं अस्थमा मरीजों की ओपीडी में 25 फीसदी का इजाफा हुआ है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
एक सप्ताह से मौसम में नमी के चलते प्रदूषण के कण पर्यावरण की निचली सतह पर आ गए हैं। फरीदाबाद के आसमान पर स्मॉग की चादर बन गई है और शहर गैस चेंबर में तब्दील होता जा रहा है। शहर के प्रदूषण मापक केंद्रों पर पीएम-2.5 का स्तर शनिवार शाम को 479 तक पहुंच गया है। इसके अलावा नाइट्रोजन ऑक्साइड गैस का स्तर 15 के अंक पर आ गया है। इनके अलावा हवा में सल्फर डाई ऑक्साइड भी तीन से 4 की मात्रा में है। यह साधारण दिनों में शून्य से लेकर एक तक होती है। यही हाल कार्बन मोनो ऑक्साइड का है। शहर में ओजोन जैसी घातक गैस का स्तर पर 15 तक पहुंच गया है। इसके अलावा एक-दो केंद्रों पर पीएम-10 के कणों की भी हवा में मौजूदगी मिली है। यह मनुष्यों के फेफड़ों के लिए घातक है और संक्रमण का कार्य करती है।
। हवा तेज चलती है तो प्रदूषण कम हो जाता है और धीमी चलती है तो प्रदूषण बढ़ जाता है। दो दिनों से शहर में हवा की गति थम सी गई है। वहीं मौसम में नमी बढ़ने से प्रदूषित कणों की हलचल बंद हो गई है। जिससे दूसरे दिन भी हवा जहरीली बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी सूची के अनुसार शनिवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 479 दर्ज किया गया। यह शुक्रवार के मुकाबले 22 अंक कम है। शुक्रवार को एक्यूआई 460 दर्ज किया गया था।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय के आसपास बेहद खराब हवा
वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार शनिवार को प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड के सेक्टर-16ए स्थित कार्यालय के आसपास क्षेत्र की हवा बेहद खराब रही। यहां का एक्यूआई 475 दर्ज किया गया। एनआईटी क्षेत्र में 450 रहा। सेक्टर-30 क्षेत्र में 403, सेक्टर 11 क्षेत्र में 423 एक्यूआई दर्ज किया गया।
सड़कों पर उतरते अधिकारी, कार्रवाई शून्य
शहर की हवा जहरीली होने के बाद शनिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शनिवार को सड़कों पर उतरे। अधिकारियों की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में चल रहे निर्माण कार्यों की जांच की। लेकिन, कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित रही। ग्रेटर फरीदाबाद में विभाग ने कुछ जगहों पर निर्माण कार्यों को बंद करवा दिया गया। वहीं काफी जगह काम चालू रहे। प्रदूषण रोकथाम के लिए वाटर स्प्रिंकलर मशीन से पानी का छिड़काव किया गया। इसके साथ ही नगर निगम सहित अगल-अलग स्थानों पर एंटी स्मॉग से पानी का छिड़काव किया गया। जिससे सड़कों पर धूल-मिट्टी न उड़े। वहीं दूसरी तरफ बल्लभगढ़-सरूरपुर रोड पर जगह-जगह खुले में निर्माण सामग्री पड़ी देखने को मिली। सड़कों पर धूल उड़ रही थी। औद्योगिक क्षेत्र नियमों को ताक पर रखकर कंपनियों को चलाया जा रहा है। लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हार्ट अटैक के एक रात में दो मरीज पहुंचे इमरजेंसी
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आकांशा रघुवंशी ने कहा कि दो तीन दिनों से ओपीडी में आंखों में जलन और पानी आने की समस्या के अधिक आ रहे हैं। एक सप्ताह में ओपीडी 450 से बढ़ 500 तक पहुंच गई है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वरिष्ठ ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद ने बताया कि प्रदूषण के कारण ह्दय रोगियों की समस्या बढ़ गई है। एक सप्ताह पहले ओपीडी में 150 मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंचते थे। अब संख्या बढ़कर 200 हो गई है। शुक्रवार रात हार्ट अटैक के दो मरीज इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे। जिनकी तुंरत एंजियोग्राफी की गई। इसलिए सुबह व शाम के समय घर से बाहर निकलने से परहेज करें। धूप निकलने व बाहर निकलें। पहले से बीमार लोग अपनी दवाएं नियमित रुप से लेते रहें।
वर्जन
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम लगातार मौके पर पहुंच कर जांच कर रही है। शनिवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में टीम ने जांच की। ग्रेटर फरीदाबाद में कई जगह निर्माण कार्यों को बंद करवा दिया गया। फिलहाल कोई जुर्माना नहीं लगाया, चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। - संदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
पिछले कुछ दिनों का वायु गुणवत्ता सूचकांक
तारीख एक्यूआई
31 अक्तूबर 300
1 नवंबर 309
2 नवंबर 368
3 नवंबर 460
4 नवंबर 438
धनंजय