फरीदाबाद। 37वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला पर्यटकों में अलग छाप छोड़ रहा है। स्टॉलों में हस्तशिल्प कलाकृतियों में मिट्टी के बर्तन विभिन्न डिजाइनों में दिखाई दे रहे हैं। खानदानी परंपरा को जीवंत रखते हुए कुम्हार ने मिट्टी के बर्तनों को नए कलेवर देने शुरू कर दिए हैं। हस्तशिल्प कारीगरों का कहना है कि यह बर्तन जहां नॉन स्टिक बर्तनों को टक्कर दे रहे हैं, वहीं अन्य धातुओं से बने बर्तनों की अपेक्षा कम गैस खपत करते हैं।
सूरजकुंड मेले में गेट नंबर दो के नजदीक लगी ओपन स्टॉल पर मिट्टी के बर्तनों की खरीदारी करने के लिए पर्यटकों की भीड़ जुट रही है। कुम्हार पवन प्रजापति का कहना है कि बदलते परिवेश में अब महिलाएं किचन की खूबसूरती के लिए भी अलग-अलग प्रकार से खूबसूरत साजो सामान खरीदना पसंद करती हैं। बात चाहे सेहत की हो या स्वाद की या फिर रसोई की खूबसूरती को बढ़ाने की, यह बर्तन अपने आप में आकर्षण का केंद्र बनेे हुए हैं। उन्होंने बताया कि समय की मांग को देखते हुए उन्होंने अपनी परंपरा को आधुनिक रूप में ढालना शुरू कर दिया है। पहले लोग केवल हाडी और घड़े तक ही मिट्टी के बर्तनों तक सीमित थे, लेकिन समयानुरूप मिट्टी के बर्तनों का बदला अस्तित्व आधुनिक नाॅन स्टिक व अन्य धातुुओं से बने बर्तनाें को पीछे छोड़ रहा है।
पीढि़यों की परंपरा को बढ़ा रहे आगे
सन् 1975 से मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए अपनी पहचान बनाने वाले कुम्हार महेश प्रजापति की चौथी पीढ़ी मिट्टी को अलग रूप देकर इसको आधुनिकता की दौड़ से जोड़े हुए हैं। पवन प्रजापति नेे बताया कि उनके परदादा व दादा पहले केवल मिट्टी के घड़े और मूर्तियां ही बनाते थे, लेकिन समय की मांग के अनुरूप उन्होंने केवल घड़े और मूर्तियों तक सीमित न रहकर मिट्टी को और खूबसूरत डिजाइन देकर बर्तन बनाने का काम शुरू कर दिया है, जोकि लोगों को बेहद पसंद आ रहा है। उन्होंनेे कहा कि आधुनिक दौर में बात चाहे फैशन की हो या फिर स्वास्थ्य की लोग कहीं भी समझौता नहीं करना चाहते। इसलिए इन बर्तनों की खूबसूरती के साथ-साथ गुणवत्ता को भी बरकरार रखा जाता है। इन बर्तनों के मूल्य भी काफी किफायती हैं। जिसमें 250 रुपये की ठंडे पानी की बोतल से लेकर डेढ़ हजार रुपये तक के बर्तन शामिल हैं। इन बर्तनों में कुकर, कड़ाही हांडी, बोतल व जग कप, थाली प्लेट, ग्लास के खूबसूरत डिजाइन उपलब्ध हैं। कुकर का बेहद खूबसूरत डिजाइन बड़ी-बड़ी कंपनियों के को पीछे छोड़ रहा है।