बड़ी चौपाल पर पहले दिन से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे कलाकार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले के समापन से एक दिन पहले शनिवार तक लगभग 15 लाख 17 हजार पर्यटक मेले का आनंद ले चुके हैं। इस बार पर्यटकों ने पिछले साल का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। देश ओर विदेश से आए कलाकार बड़ी चौपाल पर पहले दिन से लगातार रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। सूरजकुंड शिल्प मेला एनसीआर क्षेत्र में पर्यटकों की पहली पसंद बन चुका है। इसके अलावा चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड राज्यों से भी लोग मेला देखने के लिए आ रहे हैं।
मेले में पर्यटकों तथा शिल्प कारीगरों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसका विशेष ध्यान रखा गया। पर्यटन मंत्री डाॅ. अरविंद शर्मा स्वयं मेला मैनेजमेंट पर निगरानी रखे हुए हैं। रविवार 23 फरवरी की शाम को मेले का समापन होने से पहले पर्यटकों की संख्या का नया रिकॉर्ड कायम हो सकता है।
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पर्यटकों को लुभा रहे कुर्सी नुमा झूले
सूरजकुंड मेले में पर्यटक शिल्पकारों की ओर से तैयार किए उत्पादों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इन उत्पादों में से कुर्सी नुमा झूले पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। मेले में पश्चिम बंगाल से पहुंचे सम्राट ने बताया कि कुर्सी नुमा झूले अलग-अलग आकार और डिजाइन में तैयार किए गए हैं। पर्यटक इन झूलों को पार्क, आंगन और बालकनी में लगा सकते हैं। इन झूलों को लकड़ी और सूत की रस्सी से तैयार किया जाता है। मेले में झूले खरीदने के लिए पर्यटक काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।
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खादी के कपड़े आ रहे पसंद
पश्चिम बंगाल के गांव ब्रह्मांडीहा से अंजुम नारा बेगम खादी कपड़े लेकर मेले में पहुंची हैं जिसे पर्यटक काफी पसंद कर रहे हैं। अंजुम नारा के बनाए हुए कपड़े केवल भारत में ही नहीं बल्कि अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, ईरान और इराक जैसे देशों में भी निर्यात किए जा रहे हैं।
अंजुम नारा धन लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की स्थापना कर आत्म निर्भरता में अपने व आसपास के गांवों की 450 महिलाओं के लिए एक लीडर कारोबारी का काम कर रही हैं। अंजुम नारा बेगम ने बताया कि उनके पास एक हजार से लेकर 60 हजार रुपये तक की बेडशीट हैं। बेडशीट पर उसने राम-सीता का पूरा जीवन दर्शाया हुआ है, जिसकी बहुत मांग रहती है। उनके समूह की महिलाएं कॉटन और सिल्क की साड़ी, चुन्नी, कुर्ती, सूट, कुर्ता, स्टाल और ब्लाउज बनाने का काम करती हैं। उनकी कढ़ाई की हुई साड़ी, कुर्ती और सूट महिलाओं को देखते ही पसंद आते हैं।