वार्ड 28 और 32 को 25-25 लाख, वार्ड एक को मिलेंगे 15 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में वायु प्रदूषण की चुनौती के बीच स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के तहत शहर के तीन वार्डों को हरियाणा में बेहतर प्रदर्शन के लिए चुना गया है। इन वार्डों को कुल 65 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
वार्ड नंबर 28 और 32 को 25-25 लाख रुपये, जबकि वार्ड नंबर एक को 15 लाख रुपये मिलेंगे। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, सेक्टर-56 के निवासियों ने सर्वेक्षण के चयन पर सवाल उठाते हुए क्षेत्र में फैली गंदगी और बदबू की समस्या का मुद्दा उठाया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से सात सितंबर को आयोजित स्वच्छ वायु दिवस कार्यक्रम में प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले वार्डों की घोषणा की गई थी। इसमें फरीदाबाद के इन तीन वार्डों को राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए चुना गया।
फरीदाबाद में वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक गतिविधियां और खुले में कचरा जलाना वायु प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। ऐसे में पुरस्कार राशि का उपयोग धूल नियंत्रण, नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन और हरित क्षेत्रों के संरक्षण जैसे कार्यों में किया जा सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यावरण सुधार के प्रयासों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ राशि के प्रभावी और पारदर्शी उपयोग पर निर्भर करेगा।
सेक्टर-56 के लोगों ने उठाए सवाल
सेक्टर-56 आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी सतपाल ने बताया कि उनके पास प्रतापगढ़ का कचरा निस्तारण केंद्र है। यहां से उठने वाली बदबू के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां हवा के साथ दुर्गंध आती रहती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में चयन किस आधार पर किया गया। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता नितिन कादयान ने कहा कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहर के तीन वार्डों का चयन होना अच्छी उपलब्धि है। पुरस्कार राशि का उपयोग स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देने में किया जाएगा।