फरीदाबाद में 4350 पुलिसकर्मियों में करीब 615 महिलाएं, पर्याप्त आवासीय सुविधा नहीं होने से परेशानी
केशव भारद्वाज
फरीदाबाद। जिले में पुलिसकर्मियों की संख्या के अनुपात में आवासीय क्वार्टर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से महिला पुलिसकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरे जिलों से आकर फरीदाबाद में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को मजबूरी में पीजी (पेइंग गेस्ट) और किराये के मकानों में रहना पड़ रहा है।
ड्यूटी के अनिश्चित समय और आपात स्थिति में तुरंत पुलिस लाइन या संबंधित थाने पहुंचने की जरूरत को देखते हुए उन्हें सरकारी आवास की कमी खल रही है। जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद जिले में करीब 4,350 पुलिसकर्मी तैनात हैं। इनमें लगभग 615 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। जिले में तैनात पुलिसकर्मियों में बड़ी संख्या ऐसे कर्मचारियों की है, जो प्रदेश के दूसरे जिलों से आकर यहां सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उन्हें अपने परिवार से दूर रहकर शहर में रहने की व्यवस्था करनी पड़ती है। सरकारी क्वार्टर उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें निजी आवास का सहारा लेना पड़ता है। खासकर महिला पुलिसकर्मियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक आवास की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।
ड्यूटी के समय को देखते हुए क्वार्टर जरूरी
पुलिस विभाग में ड्यूटी का समय निर्धारित कार्यालयों की तरह नहीं होता। कानून-व्यवस्था की स्थिति, वीआईपी कार्यक्रम, अपराध की घटनाओं और अन्य आवश्यकताओं के कारण पुलिसकर्मियों को कभी भी ड्यूटी पर बुलाया जा सकता है। ऐसे में पुलिस लाइन में आवास मिलने से उन्हें समय पर ड्यूटी पर पहुंचने में आसानी रहती है। इसके विपरीत, शहर के अलग-अलग इलाकों में पीजी या किराये के मकानों में रहने वाली महिला पुलिसकर्मियों को आने-जाने में अतिरिक्त समय लग सकता है। एक महिला पुलिसकर्मी ने बताया कि पुलिस की नौकरी में कई बार अचानक ड्यूटी पर जाना पड़ता है। कई बार ड्यूटी का समय भी बढ़ जाता है। ऐसे में पुलिस लाइन में क्वार्टर मिलना अधिक सुविधाजनक रहता है। इससे आवाजाही में होने वाली परेशानी कम होती है और जरूरत पड़ने पर तुरंत ड्यूटी पर पहुंचा जा सकता है।
वर्जन
क्वार्टर की संख्या सीमित है, जबकि पुलिसकर्मियों की संख्या अधिक है। इस वजह से यह समस्या है। बल्लभगढ़ जोन में नई पुलिस लाइन का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। इसके बाद क्वार्टर की संख्या बढ़ेगी। -यशपाल, पुलिस प्रवक्ता