नियमित कूड़े का उठान नहीं होने से सड़क किनारे, खाली प्लॉट और सार्वजनिक स्थल बन रहे डंपिंग प्वाइंट
केशव भारद्वाज
फरीदाबाद। शहर में तीन-तीन मंत्री होने के बावजूद कूड़े की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। केंद्र में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल तथा खाद्य आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर फरीदाबाद का प्रतिनिधित्व करते हैं। खास बात यह है कि कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के पास शहरी स्थानीय निकाय विभाग भी है। इसके बावजूद शहर की सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों के आसपास कूड़े के ढेर बढ़ते जा रहे हैं। कई जगह कूड़े के ढेर अब छोटे-छोटे पहाड़ का रूप ले चुके हैं।
जिला उद्योग केंद्र के कार्यालय के आसपास कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। एत्मादपुर के पास सड़क किनारे भी लंबे समय से कूड़ा जमा है। यहां कूड़ा उठान नहीं होने पर किसी ने कूड़े के ढेर में आग तक लगा दी थी। धुआं उठने से आसपास के लोगों को परेशानी हुई। शहर के दूसरे हिस्सों में भी खाली प्लॉट, सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थान कूड़े के अस्थायी डंपिंग ग्राउंड बनते जा रहे हैं। इससे दुर्गंध और गंदगी के साथ लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। नगर निगम क्षेत्र में रोजाना 1250 टन कूड़ा निकलता है। इसके मुकाबले कूड़ा उठान और निस्तारण की उपलब्ध क्षमता कम पड़ रही है। फिलहाल मुजेड़ी में 150 टन प्रतिदिन क्षमता का कूड़ा निस्तारण संयंत्र चल रहा है, जबकि प्रतापगढ़ का संयंत्र बंद है। गुरुग्राम के बंधवाड़ी संयंत्र में भी फरीदाबाद का कूड़ा जाना बंद हो चुका है। ऐसे में शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण का दबाव सीधे स्थानीय व्यवस्था पर आ गया है।
नए प्लांट के लिए जमीन, हर जगह विरोध
कूड़े के स्थायी निस्तारण के लिए नए संयंत्र लगाने की कोशिशें भी जमीन और विरोध के फेर में फंसी हैं। नगर निगम ने पिछले वर्ष मोठूका में 20 एकड़ जमीन चिन्हित की थी, लेकिन स्थानीय विरोध के चलते प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। सोतई में 12 एकड़ जमीन पर संयंत्र लगाने का प्रस्ताव है, यहां भी विरोध की स्थिति है। प्रतापगढ़ संयंत्र को हटाने की मांग को लेकर भी स्थानीय लोग लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। पाली में प्रस्तावित संयंत्र की जमीन को लेकर मालिकाना हक का विवाद है। अब निगम प्रशासन ने गुरुग्राम रोड के पास जमीन चिन्हित की है, लेकिन वहां संयंत्र लगना अभी तय नहीं है। दो अन्य स्थान भी प्रस्तावित हैं।
कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। कूड़ा हर रोज उठाया जा रहा है। निस्तारण प्लांट के लिए भी कवायद चल रही है। घरों से ही कूड़े की कम मात्रा निकले, इस पर काम शुरू कर दिया गया है।
- यशेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त
क्या कहते हैं लोग
सफाई व्यवस्था का असर तभी दिखाई देगा, जब सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा कूड़ा नियमित रूप से उठेगा।
- डॉ. राजेश छात्रा, सेक्टर-81
समय रहते ठोस व्यवस्था नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। निगम तत्काल कदम उठाए।
- रूबी चौधरी, आगमन सोसाइटी
कूड़े के ढेर लगातार बढ़ रहे हैं। सेक्टर से लेकर कॉलोनियों तक व्यवस्था चरमराई हुई है। स्थायी समाधान जरूरी है।
- मनीष, सेक्टर-15
जिला उद्योग केंद्र में काम करवाने आया था। यहां कूड़े का पहाड़ खड़ा हुआ है। इससे यहां सांस लेना भी दूभर हो गया।
- ऋषिपाल, अनंगपुर
निगम को कड़े कदम उठाने की जरूरत है। लोगों को भी शहर को स्वच्छ रखने के लिए अपने स्तर पर सजगता बरतनी होगी।
- वीके शर्मा, सेक्टर-75
सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है। एक जगह से कूड़ा उठाकर दूसरी जगह डाला जा रहा है। पूरे शहर में गंदगी है।
- प्रीति, सेक्टर-9
एक नजर
1250 टन कूड़ा रोज शहर से निकलता है
46 वार्ड हैं नगर निगम क्षेत्र में
3000 सफाई कर्मचारी शहर में
02 कूड़ा निस्तारण संयंत्र प्रमुख रूप से उपलब्ध, इनमें से फिलहाल एक चालू
150 टन प्रतिदिन मुजेड़ी संयंत्र की क्षमता
20 एकड़ मोठूका में पहले जमीन चिन्हित की गई थी
12 एकड़ सोतई में संयंत्र के लिए प्रस्तावित