सेक्टर-65, मोहना रोड और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले के पृथला विधानसभा क्षेत्र में सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हुई है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने क्षेत्र की तीन महत्वपूर्ण लिंक सड़कों को नए सिरे से बनाने की परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना केवल सड़क मरम्मत तक सीमित नहीं मानी जा रही बल्कि इसे पृथला क्षेत्र के तेजी से बढ़ते औद्योगिक और ग्रामीण बेल्ट को बेहतर कनेक्टिविटी देने की बड़ी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
इस परियोजना का कार्य 12 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क सुधार कार्य में आधुनिक तकनीक के साथ पेचवर्क, सड़क किनारों की मजबूती, जल निकासी सुधार और जरूरत वाले हिस्सों में इंटरलॉकिंग ब्लॉक लगाने जैसे कार्य किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार रोड आईडी तीनों सड़कें पृथला क्षेत्र के कई हिस्सों को मोहना रोड, पृथला इंडस्ट्रियल बेल्ट और आसपास के मुख्य संपर्क मार्गों से जोड़ती हैं। इन रास्तों से रोजाना भारी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली, दूध वाहन, स्कूल बसें और औद्योगिक इकाइयों से जुड़े छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कें लंबे समय से टूट-फूट का शिकार थी। जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी सतह के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बरसात के दौरान हालात और खराब हो जाते है जिससे कई हिस्सों में जलभराव होने से यातायात प्रभावित होता है।
पृथला, दयालपुर, मोहना, अटाली और सेक्टर-65 के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र के लिए ये सड़कें महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इन मार्गों के जरिए कृषि उत्पाद, निर्माण सामग्री और औद्योगिक सामान की आवाजाही होती है। सड़कें सुधरने से परिवहन लागत कम होने और समय की बचत होने की उम्मीद है।
किसानों और उद्योगों दोनों को होगा लाभ
पृथला क्षेत्र फरीदाबाद जिले के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में शामिल है। यहां गेहूं, धान, बाजरा, सरसों और सब्जियों की बड़े स्तर पर खेती होती है। किसान इन्हीं संपर्क मार्गों के जरिए अपनी उपज मोहना मंडी और जिले की अन्य मंडियों तक पहुंचाते हैं। खराब सड़कें किसानों के लिए लंबे समय से बड़ी समस्या बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर पृथला और सेक्टर-65 के आसपास तेजी से औद्योगिक गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। कई छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाइयों के ट्रक और मालवाहक वाहन इन सड़कों का उपयोग करते हैं। सड़क सुधार परियोजना से औद्योगिक क्षेत्र की लॉजिस्टिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
डिजिटल प्रक्रिया से होगी निगरानी
अधिकारियों के अनुसार निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त तकनीकी मानक तय किए गए हैं। परियोजना के तहत केवल आईएसआई मार्क वाला 43 ग्रेड ओपीसी सीमेंट इस्तेमाल किया जाएगा। बिटुमेन की खरीद सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से करनी होगी। इसके अलावा कई हिस्सों में 80 एमएम मोटे एम-40 ग्रेड के इंटरलॉकिंग पावेर ब्लॉक लगाए जाएंगे ताकि सड़कें अधिक टिकाऊ बन सकें। निर्माण कार्य के दौरान भूमिगत पाइपलाइन, बिजली और गैस लाइनों को नुकसान से बचाने के लिए आधुनिक ऐप का उपयोग अनिवार्य किया गया है। इससे खुदाई से पहले संबंधित विभागों से समन्वय सुनिश्चित किया जा सकेगा।
कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए लिंक रोड का अच्छा होना जरूरी है। जल्द इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। अतुल यादव, कार्यकारी अभियंता मार्केटिंग बोर्ड