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दूसरे की नंबर प्लेट लगा तोड़ रहे नियम, असल मालिक भुगत रहा चालान, चोरी के वाहन से शहर में घूमने और खुद को बचाने का चोरों ने निकाला नया तरीका

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फरीदाबाद में एक ही नंबर की चल रही दो मोटरसाईकिल वाहन मालिक के लिए बनी परेशानी । - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद (कैलाश गठवाल )। जिले में पिछले कई महीनों से वाहन चोरी की वारदात लगातार बढ़ी रही हैं। ठंड और धुंध का फायदा भी चोरों को ही मिल रहा है। कुछेक मामलों में पुलिस आरोपियों को पकड़ लेती है, लेकिन रिकवरी की बात करें तो काफी कम है। आरोपी चोरी के वाहनों पर दूसरी नंबर प्लेट लगा देते हैं। इससे नाके आदि पर की जा रही वाहनों की जांच में वे फंसते नहीं हैं। ये तरीका काफी पुराने समय से चलता आ रहा है। चोरों की इस हरकत से इस बार एक नई समस्या पैदा हो गई है। एक वाहन चोर ने जिस नंबर प्लेट को अपनी बाइक पर लगाया उसके असल मालिक के पास चालान की कॉपी पहुंचने लगी है। अब हो ये रहा है कि नियम चोर तोड़ रहे हैं और चालान असल मालिक भुगत रहा है। पांच हजार से ज्यादा के चालान भुगतने के बाद पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से इस समस्या से छुटकारा दिलाने की गुहार लगाई है। संवाद
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हाई सिक्योरटी नंबर प्लेट के बावजूद आ रहा चालान
भारत कॉलोनी निवासी सन्नी ने बताया कि उनके पास स्पलेंडर मोटरसाइकिल है। उन्होंने इसे साल 2018 में ख़रीदा था। गाड़ी के साथ ही है सिक्योरटी नंबर प्लेट लगी आई थी। साथ ही उसका पांच साल का इंश्योरेंस भी कराया था। उनका कहना है की इस सबके बावजूद उनके पास बिना हाई सिक्योरटी नंबर प्लेट के वाहन चलाने के चालान आ रहे हैं। कई बार उनके पास बिना हेलमेट का भी चालान आ चुका है। सन्नी का कहना है कि वे एक गाड़ी पर चालक की नौकरी करते हैं। उनकी बाइक ज्यादातर घर पर ही रहती है। वे पांच हजार तक के चालान भुगत चुके हैं। तंग आकर उन्होंने पुलिस आयुक्त को शिकायत दी है।
एक बार आरोपी चालान भर के छूट भी गया
पीड़ित सन्नी ने बताया कि उनके पास कुछ दिनों पहले ट्रैफिक विभाग से एक संदेश आया। जिसमें 500 रुपये भुगतान किये गए थे। उन्होंने अपने स्तर पर जांच की तो पता लगा कि उनके नंबर की बाइक का बल्लभगढ़ में बिना हेलमेट के चालान हुआ था। जिसे चालक ने उसी समय भर दिया। उसकी रिसीविंग का संदेश भेजा गया है। सन्नी का कहना है कि जिस समय संदेश आया वे नोएडा में थे। उनकी बाइक घर पर थी। स्मार्ट सिटी के कैमरे में बिना हाई सिक्योरटी नंबर प्लेट बाइक का फोटो चालान के साथ लगा हुआ था। उन्होंने गौर से देखा तो पाया कि ये उनकी बाइक नहीं थी। आरोपियों ने किसी दूसरी स्पलेंडर पर उनकी बाइक के नंबर लिखवा रखे थे। कैमरे में नंबर आने के बाद सन्नी के नाम पर चालान उनके घर पहुंच जाता है। शनिवार को उन्होंने इसकी लिखित शिकायत व दोनों बाइक की फोटो दी हैं।
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ट्रैफिक जोनल अधिकारियों को दिये खास निर्देश
जिला ट्रैफिक थाना प्रभारी दर्पण सिंह ने बताया कि उनके पास पीड़ित की शिकायत आ चुकी है। उन्होंने इस बारे में स्मार्ट सिटी के कंट्रोल रूम में जानकारी नोट कराई है। इस नंबर की बाइक अब जैसे ही किसी कैमरे में दिखाई देगी उसकी लोकेशन पर जाकर पुलिस आरोपी को पकड़ लेगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वाहन के चालान या चेकिंग के समय उसका असली पंजीकरण और नंबर प्लेट का मिलान जरूर किया जाएं। साथ ही वाहन चालक से उसके घर का पता भी पूछा जाएं, ताकि असली और नकली में फर्क पकड़ा जा सके।
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