-शिकायत पर प्रशासन ने गठित की जांच समिति, रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। जिले की ग्राम पंचायत उमरा में मनरेगा के तहत कथित घोटालों का मामला सामने आया है। एक बार फिर मनरेगा में फर्जी हाजिरी और कागजों में काम दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में शिकायतकर्ता सालिम ने प्रशासन को शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता सालिम का आरोप है कि नरेगा के तहत आज उमरा गांव में 16 मजदूरों को “गड्ढा खोदने” का काम करते हुए दिखाया गया है, जबकि मेवात क्षेत्र में न तो पुरुष और न ही महिलाएं इस तरह का कार्य करते हैं। इसके बावजूद फर्जी तरीके से गांव के लोगों के फोटो खींचकर उन्हें नरेगा में मजदूरी करते हुए दर्शाया जा रहा है। आरोप है कि वास्तविक रूप से मौके पर कोई काम नहीं हुआ, लेकिन कागजों में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर राशि निकालने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। ग्राम पंचायत उमरा के सरपंच आकिब पुत्र रुजदार पर व उसके परिवार पर पहले भी मनरेगा घोटाले के आरोप लग चुके हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले कार्यकाल में पूर्व सरपंच करीब छह महीने तक जेल में रह चुका है, इसके बावजूद भी पंचायत में मनरेगा से जुड़े कथित घोटाले लगातार जारी हैं। इससे ग्रामीणों में रोष है और वे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामले को लेकर एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।