अप्रैल तक दो और रेनीवेल हो जाएंगे शुरू, लाखों लोगों को मिल सकेगा मीठा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक महानगर फरीदाबाद में हर साल की तरह इस बार भी गर्मी में पेयजल की कमी न हो इसके लिए एफएमडीए तेजी से काम कर रहा है। प्राधिकरण रेनीवेल से पेयजल की सप्लाई बढ़ाएगा। एक रेनीवेल 31 जनवरी को शुरू कर दिया गया है वहीं दो रेनीवेल मार्च-अप्रैल में शुरू कर दिए जाएंगे। इसके बाद दो रेनीवेल दिसंबर तक शुरू कर दिए जाएंगे। वहीं जून 2027 तक पूरा वितरण नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य रखकर काम किया जा रहा है।
समस्या के स्थाई समाधान के रूप में यमुना तटवर्ती क्षेत्र में पांच नए रैनी वेल्स का निर्माण किया जा रहा है। इन पांचों इकाइयों के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद शहर की वर्तमान जलापूर्ति प्रणाली में करीब 30 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) अतिरिक्त पानी का इजाफा होगा। यह मात्रा इतनी पर्याप्त है कि इससे जिले की लगभग पांच लाख की आबादी को सीधा लाभ पहुंचेगा। विभाग की योजना के अनुसार इस अतिरिक्त पानी की आपूर्ति से मौजूदा किल्लत दूर होने के साथ भविष्य की जरूरतों के लिए भी एक मजबूत ढांचा तैयार हो जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी आपूर्ति और समय सीमा का निर्धारण
परियोजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने इसे अलग-अलग चरणों में बांटकर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। यमुना किनारे मोटूका क्षेत्र में बन रहे पांच नए रैनी वेल्स में से पहले रैनी वेल का काम पूरा कर लिया गया है । इसके बाद दूसरे और तीसरे रैनी वेल को लेकर भी विभाग ने तत्परता दिखाई है। इन दोनों इकाइयों को मार्च और अप्रैल के अंत तक चालू कर दिया जाएगा, जो कि गर्मियों का सबसे कठिन समय होता है। शेष बचे अंतिम दो रैनी वेल्स का काम भी साल के अंत तक यानी दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे अगले साल तक शहर की जल वितरण व्यवस्था पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगी।
सेक्टर-25 बूस्टर बनेगा वितरण का मुख्य केंद्र
इस पूरी जल वितरण शृंखला में सेक्टर-25 स्थित बूस्टर स्टेशन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होने वाली है। मोटूका के रेनीवेल से पंप किया गया पानी सीधे भारी दबाव वाली पाइपलाइनों के जरिये सेक्टर-25 बूस्टर तक पहुंचेगा। यहां से पानी को उन इलाकों की तरफ मोड़ा जाएगा जो लंबे समय से किल्लत झेल रहे हैं। सेक्टर-25 बूस्टर से यह मीठा पानी सीधे एनआईटी और बल्लभगढ़ की उन कॉलोनियों तक पहुंचेगा जहां ट्यूबवेल का पानी या तो खारा हो चुका है या फिर जलस्तर अत्यधिक नीचे जाने से नलों ने पानी देना बंद कर दिया है। इससे उन क्षेत्रों में पानी का दबाव बढ़ेगा जहां अभी तक टेल एंड यानी पाइपलाइन के आखिरी छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था।
जून 2027 तक पूरे वितरण नेटवर्क को आधुनिक बनाने का लक्ष्य
रेनीवेल का निर्माण और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ विभाग अब वितरण नेटवर्क को भी दुरुस्त करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। जानकारी के अनुसार जून 2027 तक जिले के संपूर्ण वितरण नेटवर्क को पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें पुरानी और जर्जर हो चुकी पाइपलाइनों को बदलना और नई कॉलोनियों को मुख्य फीडर लाइन से जोड़ना शामिल है। वर्तमान में मोटूका क्षेत्र में तीन रैनी वेल्स पर निर्माण कार्य बड़ी मशीनों और विशेषज्ञ इंजीनियरों की देखरेख में युद्धस्तर पर जारी है। विभाग का प्रयास है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो और सड़कों की मरम्मत का काम भी साथ-साथ चलता रहे।
एनआईटी और बल्लभगढ़ की कॉलोनियों के लिए बड़ी राहत
फरीदाबाद के सबसे घने बसे इलाके एनआईटी और बल्लभगढ़ हमेशा से जल संकट के केंद्र रहे हैं। इन क्षेत्रों में टैंकरों पर निर्भरता कम करने के लिए रैनी वेल परियोजना एक संजीवनी के समान है। जब सेक्टर-25 बूस्टर से 30 एमएलडी पानी इन इलाकों की नसों में दौड़ेगा, तो हजारों परिवारों को निजी टैंकरों के भारी-भरकम खर्च से मुक्ति मिलेगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन अपनी तय डेडलाइन पर खरा उतरता है तो यह जिले के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
लोगों की सुविधा के लिए प्राधिकरण हर स्तर पर तेजी से काम कर रहा है। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर एफएमडीए