फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: जलभराव से निपटने के लिए 15 शैलो ट्यूबवेल लगाएगा विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन
सरमथला, कबूलपुर बांगर, लधियापुर और मोहला गांव में लगेंगे ट्यूबवेल
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले के शहरी विस्तार से घिरे कई गांवों में वर्षों से हो रही जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने नई योजना तैयार की है। सरमथला, कबूलपुर बांगर, लधियापुर और मोहला गांव में करीब 1.61 करोड़ रुपये की लागत से 15 शैलो ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से बरसात या अन्य कारणों से जमा होने वाले अतिरिक्त पानी को निकालकर ड्रेनेज सिस्टम तक पहुंचाया जाएगा जिससे गांवों की गलियों, खाली प्लॉटों और खेतों में होने वाले जलभराव की समस्या कम हो सके।

जिले के कई गांव अब तेजी से शहरी बसावट में बदल चुके हैं। आबादी बढ़ने और पक्के निर्माण के कारण पानी की निकासी बाधित होती है, जिससे बरसात के मौसम में कई इलाकों में लंबे समय तक पानी भरा रहता है। विभाग का मानना है कि प्रस्तावित ट्यूबवेल इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद करेंगे।
विज्ञापन


75 दिन में काम पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना को लागू करने के लिए विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने निर्माण कार्य के लिए 75 दिन की समय सीमा तय की है। अधिकारियों का कहना है कि तय मानकों के अनुसार काम पूरा किया जाएगा ताकि मानसून से पहले ट्यूबवेल चालू किए जा सकें और जल निकासी व्यवस्था सुचारु हो सके।



आबादी के साथ बढ़ी रही है जल निकासी की चुनौती
सरमथला, कबूलपुर बांगर, लधियापुर और मोहला जैसे गांव अब केवल पारंपरिक कृषि गांव नहीं रह गए हैं। इन क्षेत्रों में तेजी से आवासीय कॉलोनियां, गोदाम, छोटे उद्योग और अन्य निर्माण कार्य हुए हैं। इससे जमीन का प्राकृतिक जल सोखने का दायरा घट गया है और थोड़ी सी बारिश में भी कई स्थानों पर पानी भर जाता है। ऐसी स्थिति में जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों को लंबे समय तक गंदे पानी और कीचड़ से जूझना पड़ता है।
विज्ञापन


ड्रेनों के माध्यम से निकाला जाएगा पानी

योजना के तहत लगाए जाने वाले ट्यूबवेलों से अतिरिक्त पानी को पंप कर आसपास के प्रमुख ड्रेनों में डाला जाएगा। इसमें जीएमडी ड्रेन, सेहला ड्रेन और कबूलपुर लिंक ड्रेन शामिल हैं। इन ड्रेनों के जरिये पानी को आगे सुरक्षित तरीके से निकाल दिया जाएगा जिससे गांवों में दोबारा पानी जमा होने की संभावना कम हो जाएगी। अधिकारियों के अनुसार ट्यूबवेलों के साथ आधुनिक पंपिंग सिस्टम लगाया जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर तेजी से पानी निकाला जा सके और बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।

लोगों की सुविधा के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द ही इस परियोजना का लाभ मिलना भी शुरू हो जाएगा। - गौरव लांबा, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें