रोजाना 500 से अधिक महिलाएं आती है उपचार के लिए
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। बीके अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को ओपीडी कार्ड बनवाने से लेकर दवा लेने तक काफी परेशानी होती है। यहां गर्भवती महिलाओं के लिए अगल काउंटर नहीं है। अस्पताल में महिलाओं के लिए मात्र दो ही काउंटर बने हुए हैं। जिस वजह से आए दिन महिलाओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच में झगड़ा होता है। इस समस्या को लेकर कई बार महिलाओं ने उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया है, लेकिन काउंटरों की संख्या नहीं बढ़ाई गई।
बीके अस्पताल में रोजाना 1200 से सबसे अधिक मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। जिनमें से 500 से अधिक महिलाएं होती है। उनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल होती है। महिलाओं की संख्या ज्यादा होने के बावजूद बीके अस्पताल में मात्र दो ही महिला काउंटर बनाए गए हैं। जिस वजह से महिलाओं को कार्ड बनवाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कार्ड बनवाने में होती है धक्का मुक्की
डबुआ कॉलोनी निवासी सुषमा ने बताया कि वह सोमवार की सुबह 7:30 बजे महिला काउंटर पर कार्ड बनवाने के लिए खड़ी थी, लेकिन उनसे पहले काफी संख्या में महिलाओं ने कार्ड बनवा लिया। उनका पहला नंबर होने के बावजूद महिलाएं जबरदस्ती करके कार्ड बनवा रही थी। इसको लेकर जब उन्होंने महिलाओं का विरोध किया तो उनके साथ सुरक्षाकर्मी ने कहासुनी की। इसके अलावा बल्लभगढ़ की रहने वाली सुषमा ने बताया कि वह 6 महीने की गर्भवती है। गर्भवती होने के बावजूद उनके लिए अलग से कोई भी काउंटर नहीं है। जिस वजह से उनको महिला काउंटर की लाइन में खड़े होकर ही अपना कार्ड बनवाना पड़ता है। काफी देर तक खड़े होने की वजह से परेशानी होती है। इसको लेकर उन्होंने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है कि गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से एक काउंटर बनाया जाए, ताकि उनको आसानी से कार्ड बन सके।
ओपीडी कार्ड बनवाने के लिए चार काउंटर बनाए हुए हैं। उनमें से दो काउंटर महिलाओं के लिए हैं। अगर उसके बावजूद महिलाओं को कार्ड बनाने में परेशानी हो रही है, तो उनकी ओर से जल्द ही नया काउंटर खोल दिया जाएगा। जो कि सिर्फ गर्भवती महिलाओं के लिए होगा। जिससे उनको किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। - डॉ. विकास गोयल, पीएमओ