फरीदाबाद। शहर में बढ़ते प्रदूषण से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। सेक्टर-16 स्थित हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एयर एंबियेंट क्वॉलिटी मशीन के अनुसार हवा में आरएस पीएम 2.5 की मात्रा 200 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज्यादा पहुंच चुकी है। इसकी वजह जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्यों में ठेकेदार द्वारा लापरवाही है। इस कारण सांस से संबंधित परेशानियों से जूझ रहे लोगों को दिक्कतें बढ़ गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सूची के अनुसार, गुरुवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 213 दर्ज किया, जो बुधवार की तुलना में नौ अंक ज्यादा है। पिछले कुछ दिनों से तेज चल रही हवा से वायु गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव जारी है। हवा की गति तेज होने पर प्रदूषित कर जमीन पर बैठ जाते हैं और गति धीमी होने पर हवा में घुल जाते हैं। बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक में मामूली सुधार देखने को मिला।
शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो सेक्टर-16ए क्षेत्र में हवा काफी खराब बनी हुई है। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 283 दर्ज किया गया। इसी तरह एनआईटी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 204, सेक्टर-11 में 152 दर्ज किया गया। वहीं, बल्लभगढ़ की हवा साफ बनी हुई है। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 116 दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी दिनेश कुमार ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। लापरवाही सामने आने पर सिविक एजेंसियों को नोटिस भी जारी जा रहे है।