रक्षाबंधन के त्योहार पर क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म महिलाओं के लिए खरीदारी का आसान और सुविधाजनक माध्यम बने
सूरज कुमार
फरीदाबाद। रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर बाजारों में खरीदारी की रौनक बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार महिलाओं का रुख बाजारों के बजाय मोबाइल फोन की ओर अधिक दिखाई दे रहा है। क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म महिलाओं के लिए खरीदारी का आसान और सुविधाजनक माध्यम बनते जा रहे हैं। राखी, गिफ्ट पैक, मिठाई और अन्य उपहारों की खरीदारी के लिए महिलाएं घर बैठे ऑनलाइन ऑर्डर कर रही हैं।
बाजारों में होने वाली भीड़, पार्किंग की समस्या और गर्मी से बचने के लिए कई महिलाएं त्योहार से पहले ही खरीदारी पूरी कर रही हैं। खास बात यह है कि क्विक कॉमर्स के जरिए जरूरी सामान कुछ ही मिनटों में घर तक पहुंच रहा है। कई ग्राहक राखी और छोटे उपहारों के लिए 10 मिनट के भीतर डिलीवरी मिलने को सुविधाजनक मान रहे हैं।
महिलाओं का कहना है कि मोबाइल से पसंद का सामान चुनना, कीमतों की तुलना करना और घर बैठे भुगतान करना आसान है। इससे समय की बचत भी होती है। रक्षाबंधन नजदीक आने के साथ ऑनलाइन खरीदारी का चलन और बढ़ने की उम्मीद है, जिसका असर स्थानीय बाजारों की भीड़ पर भी देखने को मिल सकता है।
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सात समंदर पार बहनें डाक के जरिये भेज रहीं प्यार
फरीदाबाद। प्यार किसी सरहद का मोहताज नहीं होता। रक्षाबंधन का त्योहार इस बात को एक बार फिर साबित कर रहा है। फरीदाबाद की बहनें विदेश में रह रहे अपने भाइयों तक राखी और अपना प्यार पहुंचाने के लिए डाक का सहारा ले रही हैं। जिले के डाकघरों में राखी भेजने वालों की भीड़ बढ़ रही है। इससे साफ है कि बहनों के लिए रक्षाबंधन का त्योहार कितना खास है।
डाक विभाग के अनुसार जुलाई से अब तक करीब 250 ऐसे राखी के लिफाफे डाकघरों में पहुंच चुके हैं, जिन्हें विदेश भेजा जाना है। इन लिफाफों में राखी के साथ बहनों ने अपने भाइयों के लिए प्यार और शुभकामनाएं भी भेजी हैं। विदेश में रहने वाले भाइयों को समय पर राखी मिल सके, इसके लिए बहनें पहले से ही डाकघर पहुंच रही हैं।
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, जर्मनी और जापान समेत करीब सात-आठ देशों में राखियां भेजी जा रही हैं। हजारों किलोमीटर की दूरी होने के बावजूद भाई-बहन के रिश्ते में प्यार और अपनापन कायम है। बहनें राखी के साथ अपने भाइयों के लिए शुभकामनाएं और प्यार भी भेज रही हैं।
चार हजार राखियां भेजी गईं
डाक विभाग के अनुसार, शहर के विभिन्न पोस्ट ऑफिसों से अब तक करीब चार हजार राखियां भेजी जा चुकी हैं। इनमें साधारण डाक के साथ स्पीड पोस्ट के जरिए भेजी गई राखियां भी शामिल हैं। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आने के साथ राखी भेजने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डाकघरों में पहुंच रही राखियों से यह भी पता चलता है कि बदलते समय और बढ़ती दूरियों के बावजूद भाई-बहन के रिश्ते में प्यार कम नहीं हुआ है। बहनें चाहती हैं कि विदेश में रहने वाले उनके भाई भी रक्षाबंधन के दिन अपनी कलाई पर उनकी भेजी राखी बांधें और इस खास रिश्ते की गर्माहट महसूस करें।