दिशा की बैठक के बाद बढ़ी सख्ती, कई जोन के कार्यालयों से महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर निगरानी और सख्ती बढ़ गई है। पिछले दिनों हुई दिशा की बैठक में सड़क निर्माण और विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता पर चर्चा के बाद विजिलेंस की टीम ने नगर निगम के पिछले दो वर्षों के कार्यों की जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को विजिलेंस टीम ने नगर निगम मुख्यालय के साथ तिगांव, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ जोन कार्यालयों में एक साथ पहुंचकर कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए।
सूत्रों के अनुसार जांच के दायरे में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान हुए बड़े विकास कार्यों की फाइलें और तकनीकी रिकॉर्ड शामिल हैं। टीम विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े दस्तावेज, स्वीकृतियां, भुगतान विवरण और निर्माण गुणवत्ता से संबंधित कागजात की जांच कर रही है। अधिकारियों की ओर से इसे नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है हालांकि निगम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कुछ कार्यों को लेकर शिकायतें और गुणवत्ता संबंधी सवाल सामने आने के बाद जांच को गंभीरता से लिया गया है।
एनआईटी और एनएचपीसी क्षेत्र की परियोजनाओं के रिकॉर्ड भी खंगाले
जानकारी के अनुसार जांच केवल किसी एक परियोजना तक सीमित नहीं है। शहर की कई प्रमुख सड़कों और निर्माण कार्यों से जुड़े रिकॉर्ड की भी समीक्षा की जा रही है। इनमें एनआईटी स्थित बस अड्डे के सामने बनी सड़क और एनएचपीसी क्षेत्र की सड़क परियोजनाओं से जुड़े दस्तावेज भी शामिल बताए जा रहे हैं। विजिलेंस टीम ने अलग-अलग शाखाओं से तकनीकी स्वीकृतियां, निर्माण सामग्री की रिपोर्ट और भुगतान फाइलें भी तलब की हैं।
दिशा की बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से जवाब मांगा था
पिछले दिनों हुई दिशा की बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने शहर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा था। बैठक में कुछ नई बनी सड़कों के जल्दी खराब होने और निर्माण मानकों पर सवाल उठे थे। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने भी आंतरिक स्तर पर सख्ती बढ़ाई थी। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि बैठक के बाद सरकार और प्रशासन दोनों ही विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं।
चार एसडीओ और चार जेई को जारी हो चुके हैं नोटिस
नगर निगम ने सड़क निर्माण में कथित लापरवाही को लेकर चार एसडीओ और चार जूनियर इंजीनियरों को नोटिस जारी किए थे। जांच के दौरान कुछ परियोजनाओं में निर्माण मानकों के पालन को लेकर सवाल उठे थे। बड़खल क्षेत्र में मॉल ऑफ फरीदाबाद के सामने बनी आरएमसी सड़क की गुणवत्ता और फिनिशिंग को लेकर भी निरीक्षण में आपत्तियां सामने आई थी। इसके अलावा सेक्टर-45 और वार्ड नंबर-8 की कुछ सड़कों में भी तकनीकी खामियां चिन्हित की गई थी।
एनएचपीसी लिंक रोड को दोबारा बनाने के निर्देश
जानकारी के अनुसार एनएचपीसी चौक से दिल्ली-मुंबई वडोदरा लिंक रोड तक बनी सड़क का भी निरीक्षण कराया गया था। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संबंधित एजेंसी को सड़क दोबारा बनाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं पाया जाता है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
निर्माण कार्यों की सैंपलिंग प्रक्रिया होगी और सख्त
नगर निगम के मुख्य अभियंता विवेक गिल ने पहले ही स्पष्ट किया था कि निर्माण कार्यों की सैंपलिंग प्रक्रिया को और सख्त बनाया जाएगा। समय-समय पर सामग्री की जांच और गुणवत्ता परीक्षण कराए जाएंगे ताकि भविष्य में निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार ही पूरे हों।
जांच पूरी होने के बाद ही होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल किसी अधिकारी या एजेंसी पर प्रत्यक्ष आरोप तय नहीं किए गए हैं और जांच प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।