रविवार को हुआ मेले का समापन, बेहतर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। तीन दिवसीय पंखा मेले का रविवार को समापन हो गया। ओल्ड फरीदाबाद की अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में झांकियों, बैंडबाजों और अन्य कला में बेहतर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया। मेले में पहली बार निकाली गई भगवान जगन्नाथ की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। झलकारी बाई सेवा समिति कोहली समाज की ओर से तैयार इस झांकी को पहला पुरस्कार दिया गया। अहीर वाड़ा मोहल्ले की राधा-कृष्ण झांकी को दूसरा तथा राकेश माहौर और वीर सिंह सैनी परिवार की भोले बाबा और राधा-कृष्ण की झांकियों को संयुक्त रूप से तीसरा पुरस्कार मिला।
मेले में राजा दक्ष, खाटू श्याम, मां भगवती, मां पथवारी, हनुमान, सूरदास जी महाराज, भगवान परशुराम, गणेश जी महाराज और मां शीतला की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। इनके कलाकारों को भी सम्मानित किया गया। मेला कमेटी के चेयरमैन शिवशंकर भारद्वाज, कृष्ण पहलवान और बिल्ला पहलवान ने बताया कि पार्षद अनिल नागर और मुकेश तोमर की ओर से सुंदर बैंड को पहला, भारत बैंड को दूसरा और पंजाब बैंड को तीसरा पुरस्कार दिया गया।
स्थान नहीं मिलने की वजह से पारंपरिक दंगल हुआ रद्द
मेले में होने वाला पारंपरिक दंगल इस बार रद्द हो गया। सेक्टर-16 सब्जी मंडी परिसर में वर्षों से दंगल का आयोजन होता रहा है, लेकिन इस बार आयोजन से पहले ही जमीन खोद दिए जाने के कारण अखाड़ा तैयार नहीं हो सका। बराही तालाब में दंगल कराने का विचार भी बारिश के पानी के कारण जमीन गीली होने से छोड़ना पड़ा। समय कम होने के कारण वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था नहीं हो सकी।