फरीदाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा शनिवार से उद्योगों में 75 फीसदी आरक्षण का नियम लागू कर दिया गया है। इससे जहां स्थानीय लोगों को नौकरियां में ज्यादा अवसर प्राप्त होंगे वहीं दूसरे राज्यों से नौकरी के लिए आने वाले कामगारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उद्यमियों ने सरकार के इस नियम को न्याय संगत नहीं बताया। उन्होंने कहा कि यह व्यवहारिक नियम नहीं है। इससे कंपनियों को कुशल कामगार मिलने में दिक्कत होगी। सरकार का जबरदस्ती दबाव होने पर वह दूसरे राज्यों के विकल्प तलाशेंगे।
सरकार ने हरियाणा राज्य स्थानीय व्यक्ति रोजगार अधिनियम, 2020 लागू करने के लिए अधिसूचना 2021 में जारी कर दी थी, जो कि शनिवार से फरीदाबाद समेत पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गई है। निजी कंपनियों, ट्रस्ट व सोसाइटी इत्यादि में प्रदेश के युवाओं को मिले रोजगार से जुड़े आंकड़े हरियाणा श्रम विभाग की वेबसाइट पर मौजूद रहेंगे। वेबसाइट पर जाकर कोई भी उन्हें देख सकता है। इसे लेकर शुरुआत से शहर के उद्यमी सरकार के खिलाफ रोष प्रकट कर रहे हैं। नए कानून के खिलाफ उच्च न्यायालय में मामला लंबित है। इस पर अभी फैसला आना बाकी है इसलिए अभी उद्यमी न्यायालय के फैसला आने का भी इंतजार कर रहे हैं। लघु उद्योग भारती के प्रधान रवि भूषण खत्री ने बताया कि इस तरीके से बंधन लगाकर योग्यता का सरकार नुकसान कर रही है। कंपनियों में जाति, धर्म, या जिला देखकर कर्मचारी नहीं रखेंगे जाते। यदि कर्मचारी काम जानता है तो उसे ज्यादा वेतन देकर भी रखा जा सकता है। इस नियम से उद्योगों की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा।
उद्यमियों से बातचीत
जिले में कुशल कामगार का काफी अभाव है। मजबूरीवश उन्हें दूसरे राज्यों के लोगों को नौकरी पर रखना पड़ता है। यदि सरकार उन्हें कुशल कर्मचारी उपलब्ध कराए तो इस नियम को लागू करने के बारे में विचार किया जाएगा।
-केसी शर्मा, चेयरमैन, न्यूटेक मेडिकल डिवाइसेस लिमिटेड
कंपनी में 75 फीसदी आरक्षण के नियम को लागू करना काफी कठिन है। कानून का पालन तो करना पड़ेगा। सभी कंपनियां इस नियम को लागू करेंगी तो वह भी अपने यहां लागू करने का प्रयास करेंगे।
-सिद्धार्थ खुराना, प्रबंध निदेशक, स्टड्स हेलमेट प्राइवेट लिमिटेड
उद्यमियों की ओर से उच्च न्यायालय में केस डाला गया है। अभी हम कोर्ट के फैसले का इंतजार रहे हैं। कानून के तहत कंपनियों में आरक्षण का नियम लागू करने के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
- बीआर भाटिया, प्रधान, फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
औद्योगिक परिस्थितियों पर भी गौर करने की आवश्यकता होती है। सरकार के निर्णय का सीधा असर उद्योग धंधों पर पड़ना लाजमी है। मौजूदा समय में उद्योग तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। इस निर्णय का सकारात्मक रूप से भविष्य में किस तरह का असर पड़ेगा यह देखने वाली बात होगी।
-लव मलहोत्रा, उद्यमी