टूटे फुटपाथ, अधूरी सड़कें और कोहरे में लापरवाही बन सकती है जानलेवा
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। हाड़ कंपाने वाली ठंड और घने कोहरे के बीच फरीदाबाद में प्रशासनिक लापरवाही आम लोगों पर भारी पड़ सकती है। दिल्ली-मथुरा नेशनल हाईवे समेत शहर की कई प्रमुख सड़कों पर फुटपाथ बीच से टूटे पड़े हैं, कहीं अचानक खत्म हो रहे हैं तो कहीं खुले नालों के पास गहरे गड्ढे बने हुए हैं। हालात ऐसे हैं कि वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोग भी हर कदम पर हादसे के खतरे से जूझ रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं कागजों तक ही सिमट कर रह गई हैं।
शहर में कई जगह एक तरफ सड़क अधूरी पड़ी है तो दूसरी ओर फुटपाथ टूटे या गायब हैं। घने कोहरे में दृश्यता पहले ही कम रहती है ऐसे में ये अव्यवस्थाएं दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं। दिल्ली-मथुरा रोड पर कई स्थानों पर फुटपाथों की हालत इतनी खराब है कि लोगों को मजबूरी में सड़क के बीच चलना पड़ता है।
बीके चौक से नीलम चौक तक फुटपाथ नदारद
बीके चौक से नीलम चौक की ओर जाने वाले व्यस्त मार्ग पर फुटपाथ ही मौजूद नहीं है। फुटपाथ के नाम पर जगह पर अवैध रूप से रेहड़ी-पटरी और दुकानें लगी हुई हैं। इससे पैदल यात्रियों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। हालात तब और खतरनाक हो जाते हैं जब इन रेहड़ियों पर वाहन चालक रुक जाते हैं, जिससे अचानक ब्रेक और मोड़ के कारण हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
नाले पर खत्म होता फुटपाथ
गुरु तेग बहादुर चौक से बाटा-एसजीएम नगर की ओर जाने वाली सड़क पर फुटपाथ चौक के पास आकर सीधे नाले पर खत्म हो जाता है। कोहरे के समय अगर कोई व्यक्ति रास्ता भटक गया तो उसके नाले में गिरने का पूरा खतरा है। हैरानी की बात यह है कि यहां किसी भी तरह की रेलिंग, चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।
बाटा फ्लाईओवर मार्ग पर जगह-जगह बाधाएं
बाटा फ्लाईओवर की ओर जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर फुटपाथ पर गंदगी फैली हुई है। एक जगह पेड़ और लोहे की जाली फुटपाथ को पूरी तरह बाधित किए हुए हैं। कोहरे में यह बाधाएं दिखाई नहीं देतीं और पैदल चलने वाले सीधे इनसे टकरा सकते हैं। बाटा फ्लाईओवर के नीचे फुटपाथ पर गंदगी का ढेर लगा हुआ है, जिस कारण लोगों का यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है और वे सड़क पर चलने को मजबूर हैं।
अजरौंदा और ट्रांसपोर्ट नगर में जानलेवा हालात
दिल्ली-मथुरा रोड पर अजरौंदा चौक के पास फुटपाथ पर बड़ी-बड़ी स्लैब डाली गई हैं, जिनके बीच काफी गैप है। अंधेरे या कोहरे में कोई भी व्यक्ति इन खाली जगहों में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकता है। वहीं ट्रांसपोर्ट नगर के पास हाईवे पर फुटपाथ के पास बना गहरा गड्ढा किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।
करोड़ों खर्च फिर भी सुविधा गायब
शहर में फुटपाथ और सड़क सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। न तो नियमित निगरानी हो रही है और न ही खतरनाक स्थानों पर सुधार या चेतावनी के इंतजाम किए जा रहे हैं।
एफएमडीए की एख दर्जन मुख्य सड़कों के साथ फुटपाथों को भी बनाने के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा चुका है। जल्द इनपर काम शुरू हो जाएगा। वहीं मुख्य हाईवे पर फुटपाथ एनएचएआई की तरफ से बनाए गए हैं। - केएस पठानिया, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए